उदयपुर के सुखेर थाना इलाके में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मिलकर नशे की खेती का भंडाफोड़ किया। प्रतापपुरा गांव में एक शातिर आरोपी ने अपने बाड़े में अरंडी के पौधों के बीच गांजे की अवैध खेती कर रखी थी। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर 21.785 किलोग्राम वजनी गांजे के 19 पौधे जब्त किए। पुलिस ने आरोपी वजेराम गमेती (66) निवासी प्रतापपुरा गांव को गिरफ्तार किया। एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया- टीम को सूचना मिली थी कि गांव के रहने वाले वजेराम ने अपने बाड़े में अरंडी की आड़ में गांजे की फसल उगा रखी है। इस सूचना को पुख्ता करने के बाद एएनटीएफ ने स्थानीय सुखेर थाना पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद दोनों विभागों की संयुक्त टीम तैयार कर कार्रवाई की योजना बनाई गई। पुलिस को देखकर घबरा गया आरोपी पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने जब प्रतापपुरा स्थित वजेराम के बाड़े पर अचानक दबिश दी तो वहां हड़कंप मच गया। पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर बाड़े में खड़ा एक व्यक्ति बुरी तरह घबरा गया। उसने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम वजेराम गमेती पुत्र वाला भील बताया। अरंडी के बीच छिपे मिले गांजे के पौधे जब पुलिस टीम ने बाड़े की सघन तलाशी ली तो आरोपी की चालाकी देखकर हर कोई हैरान रह गया। आरोपी ने पुलिस और लोगों की नजरों से बचने के लिए अरंडी के बड़े-बड़े पौधों के बीच में गांजे के पौधे उगा रखे थे, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने मौके पर ही सभी पौधों को कटवाया और उन्हें एक जगह एक्त्र किया। गिनती करने पर कुल 19 हरे पौधे मिले, जिनका वजन करीब 21.785 किलोग्राम निकला। सुखेर थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजे के इन सभी हरे पौधों को जब्त कर लिया है। आरोपी वजेराम गमेती को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।