उदयपुर की धानमंडी थाना पुलिस ने फ्लेट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी मामले में 15 साल से फरार दंपती को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। दोनों पर पुलिस द्वारा 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। लंबे समय पुलिस इनकी तलाश में जुटी थी लेकिन पुलिस को सुराग नहीं मिल पा रहा था। थानाधिकारी गजवीर सिंह ने बताया कि मुखबिर और तकनीकी सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी हकीमुद्दीन पिता ताहिर अली बोहरा नाथद्वारा वाला और उसकी पत्नी शमीमा बोहरा निवासी गुलाबेश्वर मार्ग को महाराष्ट्र के नेरल से पकड़ा है। हकीमुद्दीन बोहरा हाथीपोल पुलिस थाने में 4 स्थाई वारंटों में और शमीमा 2 स्थाई वारंटों में वांछित है। पैसे ऐंठे और मोबाइल बंद कर लिया, फरार हो गए दरअसल, मामला वर्ष 2011 का है। प्रार्थी इरशाद अली पिता सैयद मुर्तजा अली निवासी पठानवाड़ी ने इस्तगासे के जरिए थाने में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि अभियुक्त हकीमुद्दीन और उसकी पत्नी शमीमा का गुलाबेश्वर मार्ग उदयपुर में एक आवासीय बहुमंजिला इमारत में फ्लैट है। ग्राउंड फ्लोर में फ्लेट नंबर-1 में दो बेडरूम, एक किचन, डायनिंग रूम, बालकनी होकर कुल क्षेत्रफल 693 वर्ग​फीट है। 10 लाख रुपए में फ्लेट बेचना तय हुआ। शिकायत में बताया कि आरोपियों ने 2 लाख रुपए पहले ही परिवादी से प्राप्त कर लिए थे। दूसरे व्यक्ति के नाम से थे डॉक्यूमेंट्स बाद में आरोपियों ने कहा कि शेष राशि देने पर वे रजिस्ट्री उसके नाम करवा देंगे। बाद में आरोपियों ने परिवादी को बताया कि मकान के मूल दस्तावेज किसी और के पास पड़े हैं। जिसे 4 लाख रुपए देने हैं। फिर 29 सितंबर 2010 को इन्होंने 4 लाख रुपए लेकर 100 रुपए के स्टाम्प पर लिखापढ़ी की। इसके बावजूद मेरे नाम पर मकान की रजिस्ट्री नहीं करवाई। इसके बाद दोनों ही आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए। बाद में परिवादी इनके फ्लैट पर गया तो वहां ताला लगा मिला। दोनों पैसे ऐंठकर कहीं फरार हो गए थे।