उदयपुर की अंबामाता थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। चोरी के बाद वाहन के टोल से गुजरने पर आए मैसेज से पुलिस को अहम सुराग मिला। इसके बाद टीम ने नूंह मेवात से पंजाब तक करीब 100 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और आखिरकार चोरी की स्कॉर्पियो के साथ आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है। आरोपियों के कब्जे से 16 अगस्त की रात पूला पुलिया के पास से चोरी हुई स्कॉर्पियो-एन कार भी बरामद कर ली गई है। पकड़े गए आरोपियों में करण सिंह (22) नॉर्थ वेस्ट दिल्ली का रहने वाला है। जबकि हरप्रीत सिंह (24) मोहाली और करणवीर (25) जालंधर (पंजाब) के रहने वाले हैं। पूला पुलिया के पास चोरी हुई थी स्कॉर्पियो एसपी अमृता दुहन ने बताया कि इस पूरे मामले का खुलासा मोबाइल पर आए एक टोल टैक्स मैसेज की कड़ी जोड़ते हुए हुआ। 16 अगस्त की रात करीब 11 बजे पूला पुलिया के पास यह चोरी हुई थी। परिवादी अपने दोस्त से मिलने गया था और जल्दबाजी में कार की चाबी अंदर ही छूट गई। करीब 20-25 मिनट बाद जब वह लौटा तो गाड़ी मौके से गायब मिली। स्थानीय स्तर पर तलाश के बाद भी जब गाड़ी नहीं मिली तो अगले दिन सुबह परिवादी के फोन पर जयपुर के पास मनोहरपुर टोल कटने का मैसेज आया। इसी मैसेज से साफ हुआ कि बदमाश गाड़ी लेकर राजस्थान की सीमा पार करने की फिराक में हैं। उदयपुर से मेवात और पंजाब तक 100 से ज्यादा कैमरों की जांच अंबामाता थानाधिकारी हुकम सिंह ने बताया कि मनोहरपुर टोल की लोकेशन मिलते ही अंबामाता थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से पीछा शुरू किया। पुलिस टीम उदयपुर से हरियाणा के नूंह (मेवात) होते हुए सीधे पंजाब तक पहुंची। इस दौरान रास्ते के सभी प्रमुख टोल नाकों, हाई-वे और रास्तों पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों बदमाशों को दबोचा सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल से मिले तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह के तीनों बदमाशों को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं और अलग-अलग राज्यों में घूमकर लग्जरी गाड़ियां चुराने का काम करते हैं। 3 दिन के पुलिस रिमांड पर, अन्य वाहन बरामद होने संभावना पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान गिरोह के अन्य नेटवर्क, चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामलों में पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में चोरी के अन्य वाहनों और वारदातों का भी बड़ा खुलासा हो सकता है।