मेवाड़ की समृद्ध लोककला, पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी है। उदयपुर नगर निगम की ओर से गवरी समेत क्षेत्र की करीब 100 कलाओं, व्यंजनों और हस्तशिल्प को शामिल करते हुए यूनेस्को की क्रिएटिव सिटीज लिस्ट के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इससे मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में पहल होगी। महापौर पारस सिंघवी के निर्देशों पर उदयपुर को 'यूनेस्को की सृजनात्मक नगरों की सूची' (UNESCO Creative Cities Network) में शामिल कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत नगर निगम ने योग्य सलाहकार संस्था (कंसलटेंट) के चयन के लिए टेंडर जारी कर दी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मेवाड़ के प्रसिद्ध 'गवरी' लोकनाट्य सहित 100 से अधिक पारंपरिक लोककलाओं, हस्तशिल्प, खानपान और सांस्कृतिक धरोहरों का प्रामाणिक दस्तावेजीकरण कर उनका संरक्षण करना और स्थानीय कलाकारों को विश्वस्तरीय मंच प्रदान करना है। जानिए इस पहल में क्या-क्या होगा खास गवरी और पारंपरिक नृत्यों को मिलेगी वैश्विक पहचान हाल ही में सोशल मीडिया पर जानकारी के अभाव में गवरी नृत्य पर हुई अनर्गल टिप्पणी के बाद इस परंपरा के प्रामाणिक दस्तावेजीकरण की जरूरत महसूस की गई। गवरी के साथ-साथ मेवाड़ी गैर और फूलडोल नृत्य के इतिहास, वेशभूषा, वाद्ययंत्र और प्रस्तुति शैली को व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जाएगा। मेवाड़ी हस्तशिल्प और धार्मिक परंपराओं का संकलन पिछवाई चित्रकला, मोलेला टेराकोटा, लघु चित्रकला, काष्ठ कला, ठठेरा व सिक्लीकर कार्य, बांस की टोकरियों और पत्तल दोने बनाने जैसी कलाओं को शामिल किया जाएगा। साथ ही जल सांझी, शस्त्र पूजन और अश्व पूजन जैसी ऐतिहासिक धार्मिक परंपराओं का भी विवरण तैयार होगा। पारंपरिक मेवाड़ी व्यंजनों का भी होगा प्रचार मेवाड़ के खानपान को पर्यटन से जोड़ने के लिए दाल-बाटी-चूरमा, मक्के की रोटी, राब, ढोकले, लापसी और मक्के का खींच जैसे पारंपरिक व्यंजनों की निर्माण विधि और सांस्कृतिक महत्व को सूचीबद्ध किया जाएगा। 5 वर्ष की बनेगी कार्ययोजना चयनित सलाहकार संस्था मेवाड़ के लोक कलाकारों, शिल्पकारों और सांस्कृतिक संसाधनों का मैपिंग सर्वे करेगी। इसके आधार पर अगले 5 वर्षों की एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे सांस्कृतिक पर्यटन और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। यूनेस्को नामांकन के लिए बनेंगे दस्तावेज निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि यूनेस्को के निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी चित्र, मानचित्र और प्रामाणिक दस्तावेज संकलित कर नामांकन प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस पूरे कार्य के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एसई मनीष अरोड़ा को विशेष रूप से नियुक्त किया गया है।