विश्व हिंदू परिषद की ओर से हिन्दुत्व के पुरोधा अशोक सिंघल का जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जाएगा। इसके तहत जयपुर में 26 सितंबर को बिड़ला सभागार, स्टेच्यू सर्किल में कार्यक्रम होगा, जिसमें निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर श्यामशरण देवाचार्य ‘श्रीजी’ महाराज शामिल होंगे। इसके साथ विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन मुख्य उद्बोधन देंगे। विहिप के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने जयपुर प्रवास के दौरान प्रेस वार्ता में बताया कि अशोक सिंघल की स्मृति में देशभर में सालभर कार्यक्रम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सिंघल के जीवनकाल में विहिप ने गोरक्षा, सामाजिक समरसता और राम जन्मभूमि आंदोलन जैसे विषयों को गति दी। उनकी याद में होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत 27 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम से होगी। कोटा में 2 अक्टूबर को कार्यक्रम होगा। 1 करोड़ हिंदुओं को जोड़ने का लक्ष्य मिलिंद परांडे ने बताया कि यह अभियान 22 नवंबर से 6 दिसंबर तक चलेगा। इसके तहत विहिप का देशभर में 2 लाख गांवों तक संगठन का विस्तार करने और कम से कम 1 करोड़ हिंदुओं को सीधे विश्व हिंदू परिषद से जोड़ने का लक्ष्य है। देश के आधे से अधिक जिलों में विहिप के 7 हजार से ज्यादा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े सेवा कार्य चल रहे हैं। अगले दो साल में इन सेवा कार्यों को देश के प्रत्येक जिले तक पहुंचाने की योजना है। धर्मांतरण और मंदिरों के सरकारी नियंत्रण का मुद्दा प्रेस वार्ता में धर्मांतरण, मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने, लव जिहाद और हिंदू जनसंख्या के असंतुलन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। परांडे ने कहा कि देश के 10 से ज्यादा राज्यों में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित हो चुके हैं। इन्हें केंद्र और अन्य राज्यों में लागू कराने के प्रयास जारी हैं। जनगणना को लेकर भी किया आह्वान आगामी जनगणना को लेकर मिलिंद परांडे ने हिंदुओं से अपना धर्म ‘हिंदू’ दर्ज कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदू विरोधी और धर्मांतरणकारी ताकतों के कुप्रचार से सावधान रहने की जरूरत है।