पूर्व कैबिनेट मंत्री और राजपरिवार के पूर्व सदस्य विश्वेंद्र सिंह ने नगर निकाय चुनावों के नतीजों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्होंने भरतपुर और डीग जिले में कांग्रेस की स्थिति को लेकर सवाल उठाए और दोनों जिलाध्यक्षों भरतपुर जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा और डीग जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी पर अपने चहेतों को टिकट देने का आरोप लगाया। विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे दोनों जिलाध्यक्षों को बचा रहे हैं। कांग्रेस के बंटाधार का जिम्मेदार कौन? विश्वेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि भरतपुर और डीग जिले में कांग्रेस की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि दोनों जिलों के नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार का एक कारण यह रहा कि जिलाध्यक्षों (भरतपुर जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा और डीग जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी) ने अपने चहेतों को टिकट बांटे और वास्तविक कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया। प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा पर भी आरोप लगाए विश्वेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा दोनों जिलाध्यक्षों को बचा रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि जनता ने कांग्रेस को सबक सिखाया है और इस बार चुनाव में दोनों जिलाध्यक्षों के साथ उन्हें बचाने वाले प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ भी जनता जवाब देने को तैयार है। सीएम के गृह जिले का भी जिक्र किया विश्वेंद्र सिंह ने कहा- भरतपुर मुख्यमंत्री का गृह जिला है। यहां कांग्रेस मजबूत स्थिति में होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व की वजह से कांग्रेस कमजोर हुई है। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से स्थिति पर ध्यान देने की मांग करते हुए कहा कि जब तक दोनों जिलाध्यक्ष अपने पद पर हैं, तब तक कांग्रेस का उठना मुश्किल है। भरतपुर में भाजपा को 20 वार्ड, निर्दलीय 36 भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों के चुनाव परिणामों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने 36 वार्डों में जीत दर्ज की। भाजपा को 20 और कांग्रेस को 7 वार्ड मिले, जबकि बसपा और आरएलपी को एक-एक वार्ड में जीत मिली।