कोटा दौरे पर आए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास गुरुवार दोपहर से रात तक कोटा में कई बैठकें कीं और निरीक्षण किए। उन्होंने न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया और कॉलेज फैकल्टी से संवाद किया। यहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च बढ़ाने पर जोर दिया। जब उनसे पूछा गया कि 5 प्रसूताओं की मौत के मामले में डॉक्टर्स को निर्दोष करार दिया गया है तो फिर इन मौतों का असली जिम्मेदार कौन है? लापरवाही कहां हुई और क्या इसका कारण कोई गलत दवा थी? सीएस ने कहा-हाई रिस्क प्रेग्नेंसी बहुत ही मुश्किल विषय है। हमारा मुख्य ध्यान मरीजों की लगातार देखभाल करके उनके खतरे को कम करने पर है। राज्यभर में हम हर हफ्ते समीक्षा करते हैं कि कितने मरीजों की स्थिति में सुधार हुआ है। साथ ही, गांव और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर पर एम्बुलेंस की सुविधा और ब्लड बैंकों में खून की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने मौतों की जिम्मेदारी पर सीधा जवाब देने के बजाय सिस्टम के सुधारों पर बात की। इससे पहले मेडिकल कॉलेज में हुई बैठक में प्रिंसिपल डॉ. नीलेश जैन ने कॉलेज में बढ़ते काम और जरूरी संसाधनों की मांग की। दोपहर में सर्किट हाउस पहुंचने पर मुख्य सचिव की आईजी हरेंद्र महावर, कलेक्टर पीयूष समारिया, सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम, ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर सहित अन्य अधिकारियों ने अगवानी की। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सीएस ने अभय कमांड सेंटर की कार्यप्रणाली देखी। अधिकारियों ने उन्हें लाइव कैमरों के जरिए शहर की निगरानी व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि कैसे कैमरों की मदद से शहर में होने वाली मारपीट और अन्य घटनाओं की समय रहते जानकारी मिलने से अपराध रोकने में पुलिस को मदद मिल रही है। इसके बाद मुख्य सचिव ने साइबर थाने का निरीक्षण किया। साइबर अपराधों की रोकथाम, शिकायतों पर कार्रवाई और जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। सिटी एसपी और अन्य अधिकारियों ने कमांड सेंटर की कार्य प्रणाली एवं लाइव कैमरा फीड से अपराध रोकने में मिली सफलता के कुछ उदाहरण दिखाए। मुख्य सचिव ने किशोर सागर तालाब पर मारपीट की घटना को लाइव कैमरे में देखने के बाद पुलिस के एक्शन, सीएडी सर्किल पर मारपीट की घटना को लाइव कैमरा पर देखने के बाद आरोपियों को पकड़ने की घटना तथा फूड डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट की कैमरे में रिकॉर्ड फीड के आधार पर पुलिस के मौके पर पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी के वीडियो देखे।