नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर पारस सिंघवी के सामने उदयपुर की सूरत और सीरत बदलने की कठिन चुनौती है। डिप्टी मेयर से मेयर की कुर्सी तक पहुंचे सिंघवी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में शहर के ज्वलंत मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि उदयपुर को स्वच्छता में नंबर-1 बनाना, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की वित्तीय समीक्षा करना और झीलों में गिरते गंदे पानी पर रोक लगाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने वॉलसिटी में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई, ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग और निगम में कट-मनी कल्चर खत्म कर पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने का भरोसा दिलाया। जाम मुक्त सड़कें, स्वच्छ झीलें, निगम में कट मनी कल्चर खत्म कर सिंगल विंडो सिस्टम लागू करेंगे भास्कर : बीजेपी में नाम पर खींचतान दिखी, क्या यह जनादेश से ज्यादा गुटबाजी की जीत है?
सिंघवी : भाजपा लोकतांत्रिक संगठन है। 80 में से 53 पार्षद भाजपा के जीते और मुझे 55 वोट मिले। यह किसी गुटबाजी की जीत नहीं, बल्कि पूरे संगठन और पार्षदों का मेरे नेतृत्व में अटूट विश्वास है। भास्कर :स्मार्ट सिटी के बाद भी उफनता सीवेज और झीलों में गंदा पानी क्यों?
सिंघवी : सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाना और झीलों में गिरते नालों को शत-प्रतिशत रोकना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। भास्कर :ट्रैफिक जाम से शहर कराहता है, पार्किंग प्रोजेक्ट्स क्यों अटके हैं?
सिंघवी : पुराने शहर व प्रमुख बाजारों में मल्टी-लेवल पार्किंग प्रोजेक्ट्स पर काम तेज करेंगे। ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बनाकर बॉटलनेक पॉइंट्स चिह्नित करेंगे। भास्कर :ओल्ड सिटी में अतिक्रमण व अवैध निर्माणों पर कार्रवाई कब होगी?
सिंघवी : हेरिटेज स्वरूप से कोई समझौता नहीं होगा। अवैध निर्माणों व अतिक्रमणों के खिलाफ बिना राजनीतिक दबाव के ज़ीरो-टॉलरेंस नीति अपनाएंगे। इसके लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। भास्कर :स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं, इस पर क्या कहेंगे?
सिंघवी : स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता और वित्तीय आवंटन की निष्पक्ष समीक्षा की जाएगी। जनता के टैक्स का एक-एक रुपया पारदर्शिता के साथ धरातल पर लगाया जाएगा। भास्कर : निगम में कट-मनी कल्चर है, पट्टों-एनओसी के लिए चक्कर क्यों काटने पड़ते हैं?
सिंघवी : कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाएंगे। सिंगल विंडो सिस्टम और ऑनलाइन पट्टा वितरण प्रक्रिया को सख्ती से लागू कर काम की समय-सीमा तय करेंगे। भास्कर :बाहरी वार्डों व नए इलाकों में बदहाली क्यों, सौतेला व्यवहार क्यों?
सिंघवी : नया या पुराना उदयपुर जैसा कोई भेदभाव नहीं होगा। सभी 80 वार्डों में समान रूप से विकास बजट, सफ़ाई कर्मचारी और संसाधन आवंटित किए जाएंगे। भास्कर :जनता पर नए टैक्स थोपे जाते हैं, लेकिन निगम की व्यावसायिक संपत्तियों से बकाया वसूली क्यों नहीं?
सिंघवी : जनता पर नया कर-बोझ डालने के बजाय संपत्तियों का री-इवैल्यूएशन किया जाएगा। लंबित बकाया, विज्ञापनों के शुल्क और किराए की वसूली के लिए सख्त अभियान चलाएंगे। भास्कर :5 साल बाद जनता आपको किस बड़े बदलाव के लिए याद रखेगी?
सिंघवी : पांच साल बाद उदयपुर आपको स्वच्छ, सुव्यवस्थित, जाम-मुक्त और भ्रष्टाचार-मुक्त शहर के रूप में दिखेगा। मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि झीलों का संरक्षण और हेरिटेज को नई पहचान दिलाना होगी।