सर्विक्स (गर्भाशय के मुंह) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बेटियों को सुरक्षित रखने के लिए शुरू हुआ एचपीवी टीकाकरण अभियान उदयपुर शहर में भ्रांतियों की भेंट चढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के चलते शहरी अभिभावक अपनी 14 से 15 साल की बेटियों को यह सुरक्षा कवच दिलाने से कतरा रहे हैं। दूसरी ओर जिले के जनजातीय व ग्रामीण इलाकों के लोगों ने बेटियों की सेहत को लेकर अधिक समझदारी दिखाई है, जहां टीकाकरण का आंकड़ा बेहतर दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जो गार्डासिल-4 वैक्सीन सरकार प्रति खुराक 6,500 की लागत से मुफ्त लगा रही है, उसी सुरक्षा चक्र के लिए लोग निजी अस्पतालों में 9 से 10 हजार रुपए खर्च कर रहे हैं। हैरान करने वाली बात ये कि विभाग की ओर से स्कूलों में विशेष सत्र और अभिभावकों की काउंसलिंग करने के बावजूद उदयपुर शहर का प्रदर्शन पूरे जिले में मात्र 16.90 प्रतिशत रहा है। शहरी क्षेत्र में 5 हजार 995 के लक्ष्य के मुकाबले महज 1013 बच्चियों को ही टीका लग पाया है। जिले में 14 से 15 वर्ष की 31 हजार 880 लक्षित बालिकाओं में से अब तक 14 हजार 564 यानी 45.68 प्रतिशत को यह सुरक्षा टीका लग चुका है। इसमें 87.24 प्रतिशत टीकाकरण के साथ फलासिया सबसे आगे है। बेटियों की सेहत से जुड़ी 4 बड़ी भ्रांतियां और डॉक्टरी सच 1: क्या इस टीके से भविष्य में प्रजनन क्षमता पर असर पड़ेगा? जवाब: बिल्कुल नहीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है। यह केवल कैंसर पैदा करने वाले वायरस को रोकता है। इसका प्रजनन क्षमता पर असर नहीं होता। 2: सरकारी स्कूलों के मुफ्त टीके की गुणवत्ता खराब है? जवाब: सरकार जो गार्डासिल-4 वैक्सीन मुफ्त दे रही है, वह प्राइवेट अस्पतालों में 10 हजार रुपए तक मिलती है। सरकारी केंद्रों में इसे प्रॉपर कोल्ड-चेन में रखकर सुरक्षित लगाया जाता है। 3: इतनी कम उम्र में इस टीके से साइड इफेक्ट्स होंगे? जवाब: यह कैंसर का इलाज नहीं, बल्कि उससे बचाव की वैक्सीन है। 14-15 साल की उम्र में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता सबसे बेहतर बनती है, जो जीवनभर गर्भाशय के कैंसर से सुरक्षा देती है। 4: क्या यह वैक्सीन किसी ट्रायल का हिस्सा है? जवाब: नहीं, यह कोई रिसर्च ट्रायल नहीं है। यह विश्व स्तर पर प्रमाणित और भारत सरकार के राष्ट्रीय अभियान के तहत दी जाने वाली स्वीकृत वैक्सीन है। जिले के सभी ब्लॉकों का टीकाकरण रिपोर्ट कार्ड एचपीवी वैक्सीन महिलाओं को गर्भाशय के कैंसर से बचाने में पूरी तरह कारगर है। शहरवासी अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी 14-15 साल की बेटियों को बिना डर यह टीका जरूर लगवाएं। -डॉ. अशोक आदित्य, सीएमएचओ, उदयपुर हम स्कूलों में शिविर लगाकर अभिभावकों को समझा रहे हैं। जो वैक्सीन सरकार मुफ्त दे रही है, उसी के लिए लोग निजी अस्पतालों में भारी खर्च कर रहे हैं। बेटियों की सुरक्षा के लिए शहरवासियों को आगे आना होगा। -डॉ. राकेश गुप्ता, आरसीएचओ, उदयपुर