बांधों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा गठित सीडीसी पैनल की चार सदस्यीय टीम ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ देसूरी उपखंड का दौरा किया। टीम ने क्षेत्र के 9 प्रमुख बांधों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा इंतजामों और कैचमेंट एरिया का निरीक्षण किया। जल संसाधन विभाग के सहायक अधिशासी अभियंता शंकरलाल राठौड़ ने बताया कि बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के तहत राज्य सरकार की ओर से इस सीडीसी टीम का गठन किया है। टीम का मुख्य ध्येय बांधों की संरचनात्मक सुरक्षा और कैचमेंट एरिया का तकनीकी आकलन कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपना है। दो दिनों से जारी जांच अभियान के दौरान विशेषज्ञों की टीम ने सेलीनाल बांध, जूना मलारी बांध, केसूली बांध, राजपुरा बांध, सादड़ी बांध, मुठाना बांध, काणा बांध और हरिओम सागर बांध का दौरा किया। बांधों की स्थिति, जलभराव क्षमता, पानी की आवक-निकासी व्यवस्था तथा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का जायजा लिया। कैचमेंट एरिया और जल भराव की परखी स्थिति सीडीसी पैनल की टीम ने बांधों के कैचमेंट एरिया का निरीक्षण करते हुए यह देखा कि बारिश के दौरान पानी की आवक किस प्रकार हो रही है और अपवाह क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) की भौगोलिक स्थिति कैसी है। बांध के वेस्ट वियर, गेटों व पानी की निकासी व्यवस्था को भी जांचा। विभागीय अधिकारियों ने डाटा उपलब्ध कराया। जल संसाधन विभाग के सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर गिरीश लोढ़ा, वीके ओसवाल, चंद्रवीर सिंह उदावत मौजूद रहे।