अजमेर के दरगाह थाना क्षेत्र में सीआईडी और पुलिस की टीम ने एक और बांग्लादेशी युवक को पकड़ा है। आरोपी की पहचान रफीकुल इस्लाम उर्फ सुमन के रूप में हुई है। दरगाह बाजार में संदिग्ध रूप से घूमते मिलने पर टीम ने उसे डिटेन किया। कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया। दरगाह थाना एसएचओ दिनेश जीवनानी के मुताबिक अवैध रूप से जिले में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत युवक को दरगाह बाजार से डिटेन कर थाने लाया गया। पूछताछ में उसने अपना पता गांव हेराबंदी, खलियाजुरी, जिला नेत्रोकोना, बांग्लादेश बताया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह करीब 8 साल पहले बनापोल बॉर्डर से भारत आया था। इसके बाद लंबे समय तक कोलकाता में रहा और फिर दिल्ली चला गया। करीब 2-3 महीने पहले वह राजस्थान आया। अजमेर में जीवनयापन के लिए खानाबदोश के रूप में रह रहा था। सबसे ज्यादा बांग्लादेशी दरगाह क्षेत्र से पकड़े गए पुलिस के अनुसार अजमेर में अब तक 26 कार्रवाइयों में 60 अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। ये लोग अजमेर में भीड़भाड़ वाले इलाकों के अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में भी खानाबदोश के रूप में रहकर पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग भीख मांगने, मजदूरी या अन्य छोटे-मोटे काम करते हैं। जून 2026 में पकड़े गए एक व्यक्ति ने भी पूछताछ में दिल्ली और अन्य स्थानों से होते हुए अजमेर आने तथा दरगाह क्षेत्र में भीख मांगकर जीवनयापन करने की बात बताई थी। पुलिस के मुताबिक दरगाह क्षेत्र में बाजार, होटल, गेस्ट हाउस और छोटे-मोटे काम मिलने तथा सीधी रेल कनेक्टिविटी के कारण ऐसे लोगों के अजमेर आने की जानकारी सामने आई है।