अजमेर के जेएलएन अस्पताल में एक युवक का सफल ऑपरेशन किया गया। ब्यावर निवासी युवक ने करीब छह माह पहले एसिड पी लिया था। इससे गले और खाने की नली में छेद हो गए और आमाशय सिकुड़ गया। खाना-पानी निगलना मुश्किल होने पर परिजन उसे जेएलएन अस्पताल लेकर आए। जांच के बाद सर्जरी टीम ने दो चरणों में उपचार किया। पहले चरण में छोटी आंत में रास्ता बनाकर मरीज को पोषण दिया गया। तीन महीने बाद अगस्त में दूसरी सर्जरी की गई। आंत को 8 जगह से काटकर गर्दन तक जोड़ा ऑपरेशन करीब 10 घंटे चला। बड़ी आंत से खाने के लिए नया रास्ता बनाया गया। आंत को 8 जगह से काटकर छाती के अंदर से रास्ता बनाते हुए गर्दन तक जोड़ा गया। सिकुड़ी हुई खाने की नली और आमाशय को बाइपास किया गया। पेट में छेद कर नली लगाई गैस्ट्रो सर्जन डॉ. विजय सैनी ने बताया-गले में छेद के कारण वहां से खाना देने पर जलन की आशंका थी। इसलिए पेट में छेद कर नली लगाई गई और छह माह तक इसी से लिक्विड दिया गया। मंगलवार को पहली बार मरीज को सामने लाया गया। डॉक्टरों के अनुसार वह अब स्वस्थ है और नियमित काम कर रहा है। उप अधीक्षक डॉ. अमित यादव ने बताया-ऑपरेशन मा योजना में निःशुल्क किया गया। टीम में एचओडी डॉ. रेखा माहेश्वरी, प्रो. डॉ. श्याम भूतड़ा, डॉ. शिव कुमार बुनकर, गैस्ट्रो एचओडी डॉ. एमपी शर्मा, एनेस्थीसिया एचओडी डॉ. अरविन्द खरे, डॉ. पूजा रावत, डॉ. रतन, डॉ. दीपिका, डॉ. गर्वित, डॉ. नितिका, डॉ. पवन व डॉ. अंकित शामिल रहे। ……… पढें ये खबरें भी…. 1…युवक का जबड़ा टूटकर नीचे गिरा, डॉक्टरों ने जोड़ा:डॉक्टर्स बोले-दुर्लभ स्थिति में हुआ ऑपरेशन, जीभ गले में फंसने से जा सकती थी जान अजमेर जिले में सड़क हादसे में युवक का जबड़ा कटकर नीचे गिर गया। गंभीर रूप से घायल युवक को JLN हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। जहां डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन कर युवक के जबड़े को दोबारा जोड़ दिया। (पूरी खबर पढें) 2….जेएलएन-अस्पताल में 4 साल के मासूम की हुई जटिल सर्जरी:गर्म तेल से झुलसने के बाद प्राइवेट पार्ट के पास रास्ता हो गया था बंद अजमेर के जेएलएन अस्पताल के डॉक्टरों ने 4 वर्षीय मासूम की जटिल और दुर्लभ प्लास्टिक सर्जरी की। अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया, अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमित यादव और प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. नेपो विद्यार्थी ने गुरुवार को मामले की जानकारी संयुक्त रूप से दी। (पूरी खबर पढ़ें…) 3…..जन्म से दिल में छेद था,28 साल बाद पता चला:सांस फूलने से परेशान थी महिला, डॉक्टर बोले- देर होती तो ऑपरेशन संभव नहीं होता अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल में एक महिला के दिल के छेद का सफल ऑपरेशन किया गया है। पुष्कर की 28 साल की महिला के जन्म से दिल में 1.79 सेंटीमीटर का छेद (एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट-एएसडी) था, लेकिन 28 साल बाद इसका पता चला। (पूरी खबर पढ़ें…)