अलवर शहर के अरावली विहार थाना क्षेत्र की श्रीराम कॉलोनी में रविवार सुबह करीब 8 बजे बिजली सप्लाई सुधारने गया संविदाकर्मी लाइनमैन करंट आने से ट्रांसफॉर्मर से नीचे आकर गिरा। काफी झुलस भी गया। अब जिला अस्पताल में भर्ती है। कनिष्ठ अभियंता (JEN) से शटडाउन मिलने की पुष्टि के बाद जैसे ही कर्मचारी खंभे पर चढ़ा, 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन में अचानक करंट दौड़ गया। जोरदार झटका लगने से झुलसा कर्मचारी करीब 15 फीट की ऊंचाई से नीचे आ गिरा। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और साथियों की मदद से झुलसे कर्मचारी को जिला सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बर्न वार्ड में उसका इलाज जारी है। JEN को फोन कर लिया था शटडाउन, फिर भी चालू रही सप्लाई मालाखेड़ा के ढाकपुरी निवासी पीड़ित अभय सिंह जाट ने बताया कि वह निजी कंपनी के जरिए बिजली विभाग में कार्यरत है। श्रीराम कॉलोनी में बिजली खराबी की शिकायत मिलने पर वह मौके पर पहुंचा था। अभय के अनुसार, उसने इंदिरा गांधी स्टेडियम स्थित कार्यालय में तैनात कनिष्ठ अभियंता (JEN) रवि विजय को फोन कर शटडाउन की मांग की थी। जेईएन द्वारा शटडाउन की पुष्टि किए जाने के बाद ही वह बेफिक्र होकर खंभे पर चढ़ा, लेकिन लाइन में सप्लाई चालू थी। कर्मचारी का आरोप है कि मैंने जेईएन से शटडाउन की कंफर्मेशन ली थी। उनकी हरी झंडी के बाद ही पोल पर चढ़ा, लेकिन शटडाउन में भारी लापरवाही बरती गई, जिससे 11 हजार केवी की लाइन में करंट आ गया।" घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यशैली और शटडाउन प्रक्रिया में समन्वय को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हाईटेंशन लाइन पर काम करने से पहले तय सुरक्षा मानकों और शटडाउन प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं। इसकी जांच करने की जरूरत है।