अलवर में 900 से ज्यादा सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। सफाईकर्मियों का कहना है कि जब तब उन्हें अनुभव प्रमाण-पत्र नहीं दिया जाएगा, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। इस बात को लेकर अलवर नगर निगम और सफाई कर्मचारियों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। निगम परिसर में गुरुवार सुबह से सफाईकर्मी नारेबाजी कर रहे है। इससे पहले गुरुवार रात एक बजे समझाइश का दौर चला था लेकिन सभी प्रयास विफल रहे थे। सफाईकर्मियों के काम बहिष्कार के कारण अलवर शहर में आज कचरा नहीं उठा। इससे जगह-जगह कचरे के ढेर नजर आए। रात 1 बजे तक खुला रहा ऑफिस, 300 सर्टिफिकेट बनने का दावा मामला बढ़ता देख नगर निगम प्रशासन गुरुवार देर रात हरकत में आया। रात करीब 1 बजे तक निगम कार्यालय खुला रहा और इस दौरान करीब 300 अनुभव प्रमाण पत्र तैयार करने की चर्चा सामने आई है। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि सिर्फ बातें बनाई जा रही हैं, जब तक भौतिक रूप से दस्तावेज उनके हाथ में नहीं आते, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। इसी खींचतान की वजह से देर रात भी कोई रास्ता नहीं निकल सका। 900 कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा, 'आश्वासन नहीं, सिर्फ सर्टिफिकेट चाहिए' इस हड़ताल का असर करीब 900 सफाई कर्मचारियों पर पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपना हक मांग रहे थे, लेकिन प्रशासन ने केवल आश्वासन दिया। अब कर्मचारी आर-पार के मूड में हैं। उनका कहना है कि अब किसी के मौखिक भरोसे पर काम शुरू नहीं किया जाएगा। विज्ञप्ति से बाध्यता हटने की चर्चा, फिर भी अपनी मांग पर अड़े कर्मचारी मामले में एक नया मोड़ यह भी आ रहा है कि राज्य सरकार की नई विज्ञप्ति में अनुभव प्रमाण पत्र की अनिवार्य शर्त को हटा दिया गया है। इसके बावजूद सफाई कर्मचारी अपनी मांग पर कायम हैं। उनका तर्क है कि उनके द्वारा किए गए काम का आधिकारिक दस्तावेज मिलना उनका अधिकार है।