कस्बे के होटल अरावली पैलेस में राजस्थान अंबेडकर शिक्षक संघ का दो दिवसीय प्रांतीय शैक्षिक अधिवेशन शुक्रवार को शुरू हुआ। अधिवेशन के पहले दिन जिलेभर से आए सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया। उन्होंने शैक्षणिक और सामाजिक समस्याओं पर गंभीर चर्चा की। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले शिक्षकों ने कस्बे में जागरूकता रैली निकाली। बस स्टैंड स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्हें नमन किया। बैठक के दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने की बात कही। शिक्षक संघ को मजबूत करने पर भी सहमति बनी। नए सदस्यों को जोड़ने की रणनीति भी तय हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष लता खिंची ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त खनिज अभियंता भागचंद बोलीवाल मौजूद रहे। अधिवेशन की शुरुआत में जिले के सभी ब्लॉकों से पहुंचे सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने संगठनात्मक एकता का संदेश दिया। उन्होंने रैली निकाली। रैली के बाद बस स्टैंड पहुंचकर बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। अधिवेशन के दौरान गोपाल जीनगर, दीपचंद खटीक, प्रेम कुमार सालवी ने विभिन्न शैक्षणिक, प्रशासनिक, सामाजिक विषयों पर वार्ताएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में हेमा वीरवाल, संतोष रेगर, निर्मला जीनगर, नर्मदा जीनगर, शांता बुनकर, ख्याली देवी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। अध्यक्षीय भाषण में जिलाध्यक्ष लता खिंची ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संगठन की एकजुटता जरूरी है। उन्होंने ब्लॉक, जिला, प्रदेश स्तर पर संघ की कार्यकारिणी में युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने का आह्वान किया। मंच का संचालन कैलाश चंद्र बुनकर, नीरज कुमार टेपण ने किया।