भास्कर न्यूज | सवाई माधोपुर पशुपालकों को पशुओं के इलाज के लिए महंगी दवाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पशुपालन विभाग द्वारा जिला मुख्यालय के साथ साथ ब्लॉक मुख्यालयों पर पशु औषधि विक्रय केंद्र खोले जाएंगे। इसकी तैयारियां की जा रही है। जिले में इस समय 1 लाख से अधिक पशुपालक है। इन केंद्रों के माध्यम से पशुपालकों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक पशु दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही केंद्रों पर खनिज मिश्रण, पशु आहार पूरक और अन्य आवश्यक पशु चिकित्सा सामग्री भी उपलब्ध रहेगी। योजना का उद्देश्य पशुपालकों को उनके नजदीक ही पशुओं के इलाज से संबंधित दवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें दवाओं के लिए शहरों या दूर-दराज के बाजारों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। विभाग का मानना है कि गांव और ब्लॉक स्तर पर इन केंद्रों के संचालन से पशुपालकों को समय और धन दोनों की बचत होगी। केंद्रों पर उपलब्ध जेनेरिक दवाएं बाजार में मिलने वाली दवाओं की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाएंगी। पशुपालकों की पहुंच होगी आसान: पशुपालन विभाग द्वारा जिला मुख्यालय सहित गंगापुर सिटी, खंडार बामनवास, वजीरपुर, चौथ का बरवाड़ा मलारना डूंगर, बौली पशु औषधि विक्रय केंद्र स्थापित किया जाएगा। ब्लॉक मुख्यालयों पर भी केंद्र स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को पशु चिकित्सा सेवाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी। पशुपालक अपने पशुओं के उपचार के लिए आवश्यक दवा और अन्य सामग्री इन केंद्रों से प्राप्त कर सकेंगे। पशुपालन विभाग का मानना है कि पशुओं को समय पर दवा और उपचार मिलने से पशु उत्पादकता बढ़ेगी और पशुपालकों की आय में भी इजाफा होगा। खासकर छोटे और सीमांत पशुपालकों के लिए कम कीमत पर दवाओं की उपलब्धता आर्थिक रूप से राहत देने वाली साबित हो सकती है। युवाओं के लिए स्वरोजगार का अवसर: योजना की खास बात यह है कि पशु औषधि केंद्रों के संचालन के माध्यम से युवाओं और इच्छुक संस्थाओं को स्वरोजगार का अवसर भी मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र युवा और स्वयं सहायता समूह इस योजना से जुड़कर केंद्रों का संचालन करें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल सकेगी। पशुपालन विभाग की ओर से इच्छुक युवाओं और संस्थाओं से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आगामी समय शुरू की जाएगी। केंद्रों पर कई तरह की सामग्री मिलेगी: पशु औषधि विक्रय केंद्रों पर पशुपालकों को जेनेरिक पशु दवाएं, खनिज मिश्रण, पशु आहार पूरक और अन्य आवश्यक पशु चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पशुपालकों को पशुओं के उपचार और पोषण से संबंधित जरूरी सामग्री एक ही स्थान पर मिल सकेगी। सरकार का लक्ष्य है कि इन केंद्रों के माध्यम से पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध होने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले। केंद्रों के संचालन से स्थानीय स्तर पर युवाओं को व्यवसाय का अवसर मिलेगा और पशुपालकों को समय पर उपचार सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। जिले में केंद्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया जाएगा। जिसकी तैयारियां की जा रही है। युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी ^जिले में पशु औषधि केंद्र खोले जाने से एक ओर पशुपालकों को सस्ती जेनेरिक दवाओं का लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की तैयारियां की जा रही है। -राजीव गर्ग, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग