पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रदेश के पंचायत चुनावों में गांव की जनता बीजेपी को सबक सिखाएगी। सरकार ने हमारी योजनाओं को बंद कर दिया, उसको लेकर लोगों में रिएक्शन है। क्योंकि गांव-गांव में हमारी योजनाएं बहुत पॉपुलर थीं। गरीबों, दलितों, पिछड़ों के लिए जो सोशल सिक्योरिटी की स्कीम थी, वो तमाम स्कीमें इन्होंने बर्बाद कर दीं। नाम बदलना एक बात थी, पर नाम बदलने के बाद में इनको खत्म क्यों किया, ये समझ के परे है। अब इन्होंने जो जुमले बोले हैं कि किसान तो 20-25 दिन ही काम करता है, मुख्यमंत्री को ये बात नहीं बोलनी चाहिए थी। इसका किसानों, गरीबों, गांवों में रिएक्शन है कि 20-25 दिन ही काम करते हैं। फिर बाकी हम क्या करते हैं? इसलिए गांव वाले इनको इस चुनाव में सबक सिखाएंगे और कांग्रेस भारी बहुमत से जीतेगी, मुझे पूरा विश्वास है। अशोक गहलोत रविवार को अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बात कर रहे थे। पंचायत चुनाव में गुडांगर्दी नहीं चलने देंगे गहलोत ने कहा- नगर निकाय के चुनावों में इन्होंने जो किया है, वो राजस्थान के इतिहास में कभी नहीं हुआ। इन्होने पूरी तरह से गुंडागर्दी की है, पुलिस से छापे डलवाए, प्रशासन का दुरुपयोग किया। ऐसी स्थिति कभी नहीं बनी, लोगों में आक्रोश है। मैं समझता हूं कि इसके नजीते आज नहीं तो कल भुगतने पड़ेंगे। पंचायत चुनाव में लोग बहुत जागरूक हैं। ये जो कटु अनुभव प्रदेशवासियों को निकाय चुनाव में हुआ है, ये अनुभव पंचायत चुनाव में काम आएगा। सूखे की स्थिति को सरकार गंभीरता से ले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- सूखे की जो स्थिति राजस्थान में बनी है, उसे सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। इसे लेकर अभी से कंटिंजेंसी प्लान बने। इन्होने नरेगा को बंद कर दिया है। इसलिए अब लोगों को रोजगार नहीं मिलेगा। पहले रोजगार की गारंटी थी, अब वो गारंटी नहीं है। अब राज्य सरकारों की मर्जी है कि वह काम खोलें या नहीं खोलें। नरेगा में काम नहीं देते तो घर बैठे हुए मुआवजा मिलता था। लेकिन अब वो स्थिति नहीं है। आने वाले दिनों में मुनष्य और पशुओं के लिए पीने के पानी का प्रबंधन करना होगा। पशुओं के लिए चारे का प्रबंधन करना है। सरकार को इन सब को गंभीरता से लेना होगा, तभी इस सूखे का मुकाबला कर पाएंगे। ये भी पढ़ें… धनंजय सिंह बोले-बेनीवाल ने झोली फैलाकर मांगी थी मदद:फिर विधानसभा चुनाव में हराने की कोशिश की; RCA इलेक्शन में मैंने बगावत नहीं की