बारां कलेक्ट्रेट में आमरण अनशन खत्म करने के बाद अब थर्ड फ्रंट के नेता नरेश मीणा ने शनिवार शाम को जयपुर के लिए कूच किया। वे कुछ दूर नंगे पांव पैदल चले। कुछ दूर बाद में समर्थकों ने उनको रेहड़ी पर बैठाकर धक्का लगाते हुए चलने लगे। उनके साथ बड़ी संख्या में लोग बाइक लेकर चल रहे थे। मीणा ने कहा- बारां में किसानों की खाद की समस्या लगभग हल हो चुकी है, लेकिन मेरी इच्छा है कि राजस्थान के सभी किसानों को खाद मिले। जब तक सभी किसानों को खाद नहीं मिल जाता मेरा आंदोलन जारी रहेगा। राजस्थान में खाद की जो समस्या है मुख्यमंत्री जी जब तक इस पर ध्यान नहीं देंगे यह समस्या हल नहीं होगी। इसलिए मैंने बारां से जयपुर के लिए पैदल कूच किया है। किसान यात्रा लेकर जयपुर जा रहा हूं। यह यात्रा तब तक जारी रहेगी, जब तक किसानों को खाद नहीं मिल जाएगा, नहीं तो जयपुर में शहीद स्मारक पर धरना दूंगा। पहले दिन यात्रा करीब 35 किलोमीटर का सफर कर मांगरोल पहुंची। यात्रा आज इटावा पहुंचेगी। इसके बाद लाखेरी, इंद्रगढ़, उनियारा, टोंक होते हुए जयपुर पहुंचेगी। पंचायत राज चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार घोषित किए इससे पहले उन्होंने बारां में धरने के दूसरे दिन पंचायत राज चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार घोषित किए। उन्होंने छबड़ा में बृजभूषण शर्मा, अटरू में वंदना नागर और बारां पंचायत समिति की सामान्य सीट से ममता नागर को प्रधान पद का उम्मीदवार बताया। वहीं, पूर्व प्रधान संदीप शर्मा को जिला प्रमुख के चेहरे के तौर पर आगे किया। नरेश मीणा ने कहा कि थर्ड फ्रंट कमजोर, लेकिन जनसमर्थन वाले युवाओं को मौका देगा और सभी समाजों को प्रतिनिधित्व देने पर जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि अंता, मांगरोल सहित करीब पांच आरक्षित सीटों पर भी थर्ड फ्रंट चुनाव लड़ेगा, हालांकि वहां अभी किसी एक चेहरे की घोषणा नहीं की गई है। जातिवाद की राजनीति नहीं की, सभी समाजों को साथ लिया नरेश मीणा ने कहा- मैंने शुरू से ही जातिवाद की राजनीति नहीं की है। छात्र राजनीति से लेकर पंचायतराज तक मैंने सभी समाजों को साथ लेकर चलने का काम किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय की राजनीति का उदाहरण देते हुए कहा- उनके कार्यकाल में मीणा समाज की बेटी प्रभा चौधरी को पहली बार विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष बनाने में उनकी भूमिका रही। वहीं जाट समाज के युवक को निर्दलीय अध्यक्ष बनाया गया और एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे विनोद जाखड़ को भी निर्दलीय रूप से विश्वविद्यालय का अध्यक्ष बनाया गया। वोटों के आंकड़े गिनाकर आरोपों का दिया जवाब जातिवाद के आरोपों पर पलटवार करते हुए मीणा ने कहा कि बारां आने के बाद कुछ लोगों ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन चुनाव में सर्व समाज का समर्थन मिला। उन्होंने दावा किया कि एक जगह उन्हें मिले 6200 वोटों में उनके जाति समाज का एक भी वोट नहीं था। उन्होंने कहा कि कुल 53 हजार वोटों में करीब 32 हजार वोट उनके समाज के थे, लेकिन इनमें से करीब 5 हजार वोट पड़े ही नहीं। उनके अनुसार उन्हें अपने समाज से करीब 2 से 2.5 हजार वोट मिले, जबकि करीब 28 हजार वोट सामान्य वर्ग से मिले। ब्राह्मण और धाकड़ समाज को प्रतिनिधित्व का हवाला मीणा ने पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों के चयन को सामाजिक समरसता से जोड़ते हुए कहा कि बारां में सामान्य सीट होने के बावजूद लंबे समय से ब्राह्मण समाज को जिला प्रमुख पद पर प्रतिनिधित्व नहीं मिला, इसलिए संदीप शर्मा को जिला प्रमुख का चेहरा बनाया गया है। इसी तरह बारां पंचायत समिति की दोनों सामान्य सीटों पर धाकड़ समाज से आने वाले प्रत्याशियों को प्रधान पद के लिए मौका देने की बात कही। छबड़ा में ब्राह्मण समाज के व्यक्ति के प्रधान नहीं बनने का हवाला देते हुए एडवोकेट बृजभूषण शर्मा को उम्मीदवार बनाने की बात कही। ….