पंचायती राज चुनाव में बाड़मेर कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है। अब तक बने 12 जिला प्रमुख सभी कांग्रेस से हैं। लेकिन बीते पंचायती राज चुनाव (2020) में बीजेपी 18 सीट कांग्रेस 18 सीट और एक सीट आरएलपी ने जीती थी। आरएलपी ने बीजेपी को समर्थन दिया। लेकिन बीजेपी से 3 वोट क्रॉस वोटिंग के कारण बीजेपी जिला प्रमुख नहीं बना पाई। नगर निकाय चुनाव में बीजेपी ने बाड़मेर-जैसलमेर संसदीय क्षेत्र में क्लीन स्वीप करते हुए सभी जगह बोर्ड बनाए। बीजेपी अब पंचायती राज चुनाव में पहली बार जिला प्रमुख बनाने की तैयारी में जुट गया है। दरअसल, बाड़मेर से अलग होकर बालोतरा जिला बनने के बाद पूरा भूगोल बदल गया है। नए परिसीमन में पंचायती राज चुनाव होंगे। इस बार भी बाड़मेर जिला परिषद की 37 सीटें है। 10 लाख से ऊपर वोटर जिला प्रमुख बनाएंगे। 12 जिला प्रमुख बने सभी कांग्रेस से बाड़मेर जिले में अब तक के पंचायती राज चुनाव में 12 जिला प्रमुख बने हैं, सभी कांग्रेस के हैं। लगातार 2 बार मदन कौर, गंगाराम चौधरी और लाधुराम विश्नोई 2-2 बार जिला प्रमुख रहे हैं। पहली बार जिला प्रमुख कांग्रेस से वृद्धिचंद जैन बने। साल 2020 में महेंद्र चौधरी बने थे। साल 2020 में बीजेपी को 18 सीट और आरएलपी के समर्थन से था बहुमत साल 2020 के पंचायती राज चुनाव में बीजेपी ने 37 में से 18 सीट और कांग्रेस ने 18 सीट जीती। एक आरएलपी जीती। बीजेपी से जीते शंकरलाल देवासी कांग्रेस खेमे में शामिल होने और बीजेपी को आरएलपी का समर्थन मिलने के बाद बीजेपी-कांग्रेस बराबरी में आ गई। कांग्रेस ने महेंद्र चौधरी और भाजपा ने रूपसिंह को जिला प्रमुख प्रत्याशी बनाया। लेकिन बीजेपी से दो और वोट क्रॉसिंग वोटिंग हो गई। इससे महेंद्र चौधरी को 21 और रूपसिंह को 16 वोट ही मिले। 5 वोट से रूप सिंह हार गए। अब तक बाड़मेर जिले के जिला प्रमुख