नगर निकाय चुनाव के पहले चरण में हुई मतदान के बाद बीजेपी-कांग्रेस दोनों को स्पष्ट बहुमत आता दिख नहीं रहा है। इस वजह से दोनों दलों ने बाड़ेबंदी में जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों को भी साथ ले गए हैं। कांग्रेस में गुटबाजी के चलते पूर्व विधायक मेवाराम जैन और जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने अलग-अलग जगह पर बाड़ेबंदी की गई है। वहीं, बीजेपी ने एकजुटता दिखाते हुए 55 प्रत्याशियों समेत निर्दलीय को साथ लेकर बाड़ेबंदी की है। दरअसल, बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डो में 179 प्रत्याशियों के लिए वोटिंग 9 सितंबर को हुई। वोटिंग पिछले साल से चार प्रतिशत बढ़कर 81.57 प्रतिशत हुई है। वोटिंग के साथ ही दोनों दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों को अज्ञातवास में ले गए हैं। इस पूरे चुनाव में टिकट वितरण से लेकर चुनाव प्रचार-प्रसार में कांग्रेस दो गुटों में बंटी नजर आई। अब बाड़ेबंदी में दोनों गुटों ने अलग-अलग बाड़ेबंदी की है। दोनों ही दल असमंजस में इस बार हुई बंपर वोटिंग का फायदा कांग्रेस को मिलेगा या फिर भाजपा को, ये तो 14 सितंबर को रिजल्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। इस बार भाजपा-कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में दोनों ही दल जोड़-तोड़ से निर्दलीय का सहारा लेकर शहर की सरकार बनाने की जुगत में हैं। भाजपा-कांग्रेस के कई दिग्गजों की सीट खिसकती नजर आ रही है। बाड़मेर नगर परिषद में कांग्रेस लगातार 15 साल से कब्जा जमाए है ऐसे में भाजपा ने इस गढ़ को ढहाने के लिए इस बार पूरी ताकत झोंक दी है। मोबाइल बंद भाजपा-कांग्रेस ने सभी 110 प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की है। इसके अलावा करीब 15 से ज्यादा निर्दलीय भी भाजपा-कांग्रेस के कब्जे में है। वे ऐसे निर्दलीय है, जो जीतने की संभावना है। बाड़ेबंदी में शामिल सभी प्रत्याशियों के मोबाइल फोन बंद है। कट्टर प्रत्याशियों को फ्री हैंड किया गया है। भाजपा खेमे में 55 समेत 60 उम्मीदवार साथ में वोटिंग खत्म होने के साथ ही भाजपा-कांग्रेस में बाड़ाबंदी शुरू हो गई। प्रत्याशियों को रातोंरात ही घरों से उठा कर बाड़ेबंदी कर दी है। भाजपा 55 प्रत्याशियों समेत 60 प्रत्याशियों को लेकर माउंअ आबू गई है। इनमें 5 निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल है। जिनकी मजबूत स्थिति है। इन प्रत्याशियों को एक रिसोर्ट में रुकवाया गया है। हालांकि परिणाम आने के बाद जो प्रत्याशी हारेंगे, उन्हें फ्री कर दिया जाएगा। इसके बाद भाजपा नए ठिकाने पर प्रत्याशियों को ले जा सकती है। मेवाराम जैन और लक्ष्मणसिंह गुट ने की बाड़ेबंदी कांग्रेस में दो गुटों में बंटी है। इसमें पूर्व विधायक मेवाराम जैन गुट ने भी बाड़ेबंदी की है। जैन के पास 12 कांग्रेस प्रत्याशी समेत 6 निर्दलीय समेत 18 प्रत्याशी है। इन्हे जोधपुर के रिर्सोट में ले जाया गया है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा के नेतृत्व में कांग्रेस के करीब 40 से ज्यादा प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की गई है। इन्हे जैसलमेर की तरफ ले जाया गया है। इन्हे भी ऐसी सुरक्षित जगह पर रखा गया है। हालांकि हर रोज स्थान बदले जा रहे है।