बूंदी के देईखेड़ा थाना इलाके में कोटा-दौसा मेगा हाईवे पर कोटाखुर्द के पास शनिवार देर रात एक ट्रक ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक रामदेवरा से दर्शन कर लौट रहा था। इस घटना के बाद परिजनों और अन्य तीर्थयात्रियों ने सड़क पर जाम लगा दिया और प्रदर्शन किया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के समझाने के बाद देर रात करीब 11 बजे जाम खुलवाया गया। रविवार सुबह देईखेड़ा के सरकारी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ट्रक ने बाइक को पीछे से मारी टक्कर, भाई-भांजा हुए घायल देईखेड़ा थाना पुलिस के अनुसार, मध्यप्रदेश के गुना जिले के बालाखेड़ा निवासी 31 साल का नवल सिंह बंजारा अपने भाई मोहन और भांजे के साथ एक ही बाइक से रामदेवरा से वापस आ रहा था। लाखेरी की ओर से आ रहे गेहूं से भरे ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि नवल सिंह की मौके पर ही जान चली गई। मोहन और उसका भांजा दूर जा गिरे, जिससे उन्हें मामूली चोटें आईं। हाईवे पर 2 घंटे तक चला प्रदर्शन घटना की सूचना मिलते ही देईखेड़ा थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। लेकिन, नाराज परिजनों और तीर्थयात्रियों ने शव पुलिस को देने से मना कर दिया। करीब 2 घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण मेगा हाईवे पर दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप रहा। ट्रक ड्राइवर को हिरासत में लिया देर रात करीब 11 बजे इंद्रगढ़ तहसीलदार रामभरोस मीणा, लाखेरी नायब तहसीलदार जगदीश शर्मा, देईखेड़ा थानाधिकारी रामभरोसी मीणा, लबान सरपंच बुद्धि प्रकाश मीणा और समाजसेवी नरेंद्र मीणा, गोविंद मीणा, रामावतार की मौजूदगी में लोगों को समझाया गया। इसके बाद शव को देईखेड़ा अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया और हाईवे पर यातायात फिर से शुरू किया गया। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है और ट्रक को जब्त कर लिया गया है। थानाधिकारी रामभरोसी मीणा ने बताया कि ट्रक कोटा जिले के इटावा क्षेत्र से गेहूं भरकर उदयपुर जा रहा था। ड्राइवर विक्रम को हिरासत में लेकर ट्रक जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मॉर्च्युरी के अभाव में खाली वार्ड में रखना पड़ा शव देईखेड़ा राजकीय सामुदयिक अस्पताल में मॉर्च्युरी नहीं होने से शव को खाली वार्ड में रखकर पुलिस को रातभर अपनी निगरानी में रखना पड़ा। सरपंच बुद्धिप्रकाश मीणा ने बताया कि अस्पताल में एक्सप्रेस मेगा दिल्ली मुम्बई रेल चम्बल व मेज नदी क्षेत्र में कई हादसों में मृतकों के शव देईखेड़ा अस्पताल लाते है, लेकिन मॉर्च्युरी के अभाव क्षतिग्रस्त शव को सुरक्षित रखने में जद्दोजहद करनी पड़ती है