सोमेसर कस्बे के बूसी स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर धर्मशाला परिसर में चातुर्मास के पावन पर्व पर आयोजित दो दिवसीय स्वामी नारायण सत्संग पारायण का रविवार शाम समापन हुआ। योगीप्रेमदास स्वामी और दिव्येश मुनि स्वामी (बीएपीएस अक्षरधाम मंदिर, जोधपुर) के पावन सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में हरिभक्त और धर्मप्रेमी शामिल हुए। सत्संग पारायण के दूसरे दिन हरिभक्तों को संबोधित करते हुए योगीप्रेमदास स्वामी ने कहा कि धर्म ही सुखद जीवन जीने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि धर्म के साथ आध्यात्मिक भक्ति करने से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है। उन्होंने धर्म में भक्ति की पहली कड़ी व्यसनमुक्त जीवन को बताया। स्वामी ने उपस्थित हरिभक्तों से किसी भी प्रकार के व्यसन से दूर रहने का आह्वान किया। साथ ही सनातन धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने और सनातन परंपराओं को बनाए रखने की सीख दी। आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन सत्संग के दौरान धार्मिक एवं आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचन हुए। अंत में स्वामी नारायण भगवान की आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और दो दिवसीय सत्संग पारायण का विधिवत समापन हुआ। बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी हुए शामिल कार्यक्रम में मांगीलाल मेवाड़ा, पूनमसिंह राजपुरोहित बूसी, कालूराम बैरवा सोमेसर, शेष कुमार रानी, पूनमसिंह राठौड़, कैलाश प्रजापति, अशोक निम्बाडा, हरिश कुमावत फालना, कल्पेश सैन, राजेंद्र मीणा, नथाराम मेघवाल, हरिसिंह पाली, कुलदीप, शैतानसिंह राजपुरोहित, प्यारेलाल जैन, गणपत सोनी, मनोहरसिंह राठौड़, मांगीलाल मालवीय, किशोर राठौड़, मांगीलाल सैन, मोहन चौधरी, खींमाराम माली धामली और गणपत मेवाडा सहित सोमेसर सत्संग मंडल के सदस्य मौजूद रहे। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सत्संग में भाग लिया।