चित्तौड़गढ़ जिला कारागृह में हुई अचानक तलाशी के दौरान जेल परिसर के अंदर रेत में दबाकर छिपाया गया एक मोबाइल फोन मिलने का मामला सामने आया है। मोबाइल वार्ड-बी की बैरक नंबर-8 के पास मिला। इसे कपड़े, अखबार और पॉलीथिन में लपेटकर रेत के नीचे छिपाया गया था। जेल प्रशासन ने मोबाइल को जब्त कर कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान कारागार अधिनियम-2015 की धारा 42 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुखबिर की सूचना पर हुई तलाशी, रेत में दबा मिला मोबाइल जेल प्रहरी वेदराम चौधरी ने कोतवाली थाने में दिए रिपोर्ट में बताया कि 10 सितंबर को दोपहर 2:10 बजे से 3:30 बजे तक कारापाल प्रबंधक की मौजूदगी में जेल की अचानक सघन तलाशी ली गई। इस दौरान ड्यूटी और ऑफ ड्यूटी स्टाफ भी साथ था। तलाशी के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वार्ड-बी की बैरक नंबर-8 के पास दीवार और शौचालयों के बीच बने रास्ते की जांच की गई। बड़े काले गेट के पास रेत में खुदाई करने पर गुलाबी कपड़े, अखबार और पीली पॉलीथिन में लिपटा एक काले रंग का केचोडा कंपनी का मोबाइल मिला। मोबाइल के साथ बैटरी भी थी, लेकिन उसमें सिम कार्ड नहीं था। मोबाइल टूटा हुआ था और उसका आईएमईआई नंबर भी नहीं मिला। जेल प्रहरियों ने जब्त किया, पुलिस को भेजी रिपोर्ट मोबाइल मिलने के बाद जेल प्रहरी सुरेश चंद मीणा और रोहताश ने उसे जब्त किया। मौके पर ही जब्ती की कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद कोतवाली थाने रिपोर्ट के साथ सभी सामान भेजा गया। रिपोर्ट में बताया गया कि मोबाइल लावारिस हालत में मिला है और जेल के अंदर मोबाइल रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है। मोबाइल मिलने की सूचना जेल और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला, अब होगी जांच कोतवाली थाना पुलिस ने जेल प्रशासन की रिपोर्ट मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया। जेल प्रहरी वेदराम मोबाइल और रिपोर्ट लेकर थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लिया। मामले की जांच उपनिरीक्षक सत्यनारायण को सौंपी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल जेल परिसर तक कैसे पहुंचा, उसे वहां किसने छिपाया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।