चूरू में विधायक हरलाल सहारण और सभापति विनय गोयनका ने डीबी अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी को अव्यवस्थाओं पर फटकार लगाई। विधायक सहारण ने अधीक्षक से कहा, "आपकी गलतफहमी है कि यहां दूसरा कोई बैठेगा तो सब ठीक हो जाएगा।" उन्होंने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। 80 सफाईकर्मी तीन शिफ्ट में काम करते हैं, फिर भी गंदगी क्यों है, नाराजगी जताई। सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश ड्रेस कोड का पालन नहीं होने पर भी विधायक ने आपत्ति जताई। अधीक्षक ने पैसा काटने की बात कही, पर सभापति गोयनका ने इसे समाधान नहीं माना। सहारण ने कहा, अस्पताल में सफाई हर हाल में होनी चाहिए। इसके लिए वे स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री तक जाएंगे। निरीक्षण टीम ने सर्जिकल वार्ड, मेडिसिन आईसीयू, फीमेल मेडिकल वार्ड, ब्लड कलेक्शन सेंटर के पास शौचालय, जिरियाट्रिक वार्ड, ट्रॉमा सेंटर, मातृ शिशु अस्पताल और नई इमरजेंसी वार्ड का दौरा किया। उन्होंने मरीजों व परिजनों से इलाज, दवाइयों व व्यवस्थाओं की जानकारी ली। महिला वार्ड में बिजली के बोर्ड खुले मिले महिला मेडिसिन वार्ड के निरीक्षण के दौरान एक जगह खुले पड़े बिजली के बोर्ड को देखते हुए सभापति विनय गोयनका ने कहा कि इस तरह से बिजली के बोर्ड खुले नहीं छोड़े इनको तुरन्त पैक करवाये। इससे कभी भी कोई अनहोनी दुर्घटना हो सकती हैं। टॉयलेट के गेट टूटे मिले अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में टूटी टाइल पर विधायक ने कहा कि इसको भी ठीक करवाये। जिस पर अस्पताल अधीक्षक ने कहा कि यह बिल्डिंग खराब हालत में हैं। नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने के बाद यह समस्या नहीं रहेगी। निरीक्षण के दौरान ब्लड कलेक्शन सेंटर के पास बने टाॅयलेट के टूटे दरवाजे को सही करवाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यहां पर यूरिन टेस्ट भी होता है। इसलिए टाॅयलेट के टूटे दरवाजे जल्दी सहीं करवाये। निरीक्षण की सूचना मिलने पर स्ट्रेचर पर लगवाई चादर विधायक व सभापति के निरीक्षण की सूचना मिलने पर अस्पताल की नई इमरजेंसी वार्ड में रखी स्ट्रेचर पर चादर लगवाई गई। जबकि अन्य दिनों में स्ट्रेचर भी नई इमरजेंसी वार्ड में इधर उधर पड़ी मिलती है। मगर अस्पताल को पहले ही सूचना मिल गयी थी कि विधायक और सभापति निरीक्षण करेंगे तो उन्होंने नयी इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर पर चादर बिछवा दी। नगरपरिषद ले सकती है सफाई की जिम्मेदारी निरीक्षण के दौरान सभापति गोयनका ने कहा कि सफाई ठेकेदार को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि अब भी अस्पताल की सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो नगरपरिषद अस्पताल में सफाई करवाने की जिम्मेदारी ले सकती हैं। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था खराब मिली। उन्होंने आमजन से भी स्वच्छता का ख्याल रखने की अपील की।