चूरू के रतनगढ़ तहसील के सांगासर गांव में दो संतों के बीच हुए झगड़े के बाद एक साधु की मौत के मामले में गुरुवार को करीब 50 घंटे बाद शव को समाधि से बाहर निकाला गया। उपखंड मजिस्ट्रेट के आदेश पर तहसीलदार अंकित मिमानी की मौजूदगी में पुलिस ने शव निकलवाया। इसके बाद जालान अस्पताल की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर छह नामजद सहित अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भाई का आरोप-मारपीट कर की हत्या सिरसा निवासी हंसराज पुत्र मोहनलाल ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनके छोटे भाई बन्नानाथ वर्ष 2004 में संन्यास लेकर साधु बने थे। वह पिछले करीब दो वर्षों से रावतसर में बालकनाथ के आश्रम में रह रहे थे। हंसराज के मुताबिक उन्हें जानकारी मिली कि बालकनाथ के साथ हुए झगड़े में बन्नानाथ की मौत हो गई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि बन्नानाथ के साथ मारपीट कर उनकी हत्या की गई और घटना के सबूत छिपाने के उद्देश्य से परिजनों को बिना सूचना दिए शव को समाधि दे दी गई। सत्संग के लिए गए थे, फिर नहीं हुआ संपर्क हंसराज के अनुसार बन्नानाथ 30 सितंबर को गांव आए थे। इसके बाद 2 अक्टूबर को बालकनाथ का फोन आया और सत्संग में चलने के लिए कहा गया। इस पर बन्नानाथ 3 अक्टूबर को रावतसर चले गए। बाद में परिजनों को पता चला कि बालकनाथ उनके भाई को सांगासर गांव में बजरंगनाथ के पास छोड़कर आया है और एक सप्ताह बाद वापस लेने की बात कही थी। इसके बाद बन्नानाथ से परिजनों का संपर्क नहीं हुआ। बालकनाथ से जानकारी लेने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद परिजनों ने खोजबीन की। इसी दौरान उन्हें बन्नानाथ और बालकनाथ के बीच झगड़ा होने और बन्नानाथ की मौत की जानकारी मिली। छह नामजद सहित अन्य के खिलाफ FIR पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर बालकनाथ, बजरंगनाथ, मुकेशनाथ, लूणनाथ, लक्ष्मीनारायण सहित छह नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है और घटनाक्रम की जांच जारी है। विरोध में सालासर मार्ग पर लगाया जाम घटना की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों और अन्य लोगों में आक्रोश फैल गया। विरोध में लोगों ने सालासर सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने करीब एक घंटे तक समझाइश की, जिसके बाद जाम खुलवाया गया। शव को समाधि से बाहर निकालने के दौरान भी मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा रही। मेडिकल और FSL टीम की मौजूदगी में निकाला शव प्रशासक हरिप्रसाद दायमा के अनुसार, उपखंड मजिस्ट्रेट के आदेश और तहसीलदार अंकित मिमानी के निर्देशन में मेडिकल और FSL टीम की मौजूदगी में शव को समाधि से बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को मोर्चरी ले जाकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया और कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। कार्रवाई के दौरान सीआई संदीप कुमार सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।