दिवड़ा छोटा के विश्वेश्वर महादेव मंदिर में चल रहे धार्मिक आयोजनों की पूर्णाहुति हुई। इसमें प्रयागराज के बागंबरी मठ के पीठाधीश्वर बलबीर गिरी महाराज का सान्निध्य मिला। लक्ष्मीनारायण मंदिर में सिद्धार्थ, सागर और परीक्षित ने श्रीरामचरितमानस का मास पारायण किया। बलबीर गिरी महाराज ने कहा कि भक्ति में भाव और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण है। भाव से किया गया एक प्रणाम भी बिना भाव के घंटों की माला जपने से अधिक प्रभावी होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति में भाव के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने गांव में बने धार्मिक वातावरण की सराहना की। क्षीरेश्वर अखाड़ा के गुरुदेव हरगोविंदपुरी महाराज भी साधु-संतों की मंडली के साथ मौजूद रहे। संचालन मोहनगिरी गोस्वामी ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। संत-महात्माओं की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था भी रही।