बारां के रणवासी गांव के खेतों में रक्षा मंत्रालय का विशाल परीक्षण बैलून गिरने से ग्रामीणों में कौतूहल फैल गया। तेज हवा के कारण यह बैलून अपनी निर्धारित दिशा से भटक गया था। सूचना मिलते ही भंवरगढ़ थाना पुलिस और रक्षा विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और बैलून से जुड़े सभी उपकरणों को सुरक्षित रिकवर कर श्योपुर सेंटर पहुंचाया। खेतों में अचानक दिखा विशाल सफेद बैलून रणवासी गांव के खेतों में रविवार सुबह ग्रामीणों ने अचानक एक विशाल सफेद बैलून और उससे जुड़े उपकरण गिरे हुए देखे। खेतों में इस तरह के बड़े उपकरण देखकर ग्रामीणों में उत्सुकता बढ़ गई। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद भंवरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी रक्षा विभाग को दी। श्योपुर ट्रायल साइट से भटका था बैलून यह बैलून रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की ओर से मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित ट्रायल साइट से छोड़ा गया था। इसका इस्तेमाल स्वदेशी 'स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म' के परीक्षण के लिए किया जा रहा था। तेज हवा के चलते बैलून अपनी निर्धारित दिशा से भटक गया और बारां के रणवासी गांव के खेतों में आकर गिरा। 17 किलोमीटर ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम DRDO का यह स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म करीब 17 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है। परीक्षण के दौरान बैलून के साथ कई तकनीकी उपकरण जुड़े हुए थे। रक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन सभी उपकरणों को सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया। पुलिस और रक्षा टीम ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलने के बाद भंवरगढ़ थाना पुलिस और रक्षा विभाग की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर बैलून व उससे जुड़े उपकरणों को सुरक्षित रिकवर किया। बाद में सभी उपकरणों को श्योपुर सेंटर पहुंचा दिया गया। इससे खेतों में मिले इस अत्याधुनिक परीक्षण उपकरण को लेकर बनी स्थिति भी सुरक्षित तरीके से संभाल ली गई।