धौलपुर की उपतहसील मरैना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण और रातों-रात हुए निर्माण को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा है। करीब 350 से 400 ग्रामीण उपतहसील कार्यालय पहुंचे और उप तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकारी जमीन की जांच और सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि रैहना वाली मोड़ के पास शीतला माता चबूतरे के पास सरकारी जमीन पर 8 सितंबर की रात करीब 12 बजे कुछ बाहरी लोगों ने दीवार खड़ी कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में सरकारी जमीन पर कब्जा करने के इरादे से यह निर्माण किया गया। इसकी जानकारी रात में ही थाना दिहौली को दी गई थी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण उपतहसील मरैना पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से सरकारी जमीन की तुरंत जांच और सीमांकन कराने की मांग की। साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने को कहा। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अगर निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध पाया जाता है, तो उसे तुरंत तोड़कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि सरकारी जमीन सार्वजनिक संपत्ति है। किसी को भी रातों-रात कब्जा करके निर्माण करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने प्रशासन से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नियमों के हिसाब से सख्त कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और गणमान्य लोग मौजूद थे।