डीडवाना संस्कृत भारती के तत्वावधान में सोमवार को जनपद सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। प्रांत अध्यक्ष राजगोपाल गट्टानी और प्रांत संपर्क प्रमुख महेश दाधीच के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस सम्मेलन में संगठन को सुदृढ़ बनाने और संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार पर विस्तृत मंथन किया गया। नागौर विभाग के विभाग संयोजक हरीकिशोर सोनी ने बताया कि बैठक में संगठन विस्तार के लिए नगर व जिला कार्यकारिणी के पुनर्गठन पर निर्णय लिया गया। इसके साथ ही आगामी मध्यावधि अवकाश में 'भाषा बोधन वर्ग' आयोजित करने तथा संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा हुई। सम्मेलन में विद्वद परिषद अध्यक्ष हेमंत मिश्रा ने संगठन के प्रभावी संचालन के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। जिला संघचालक रामअवतार सराफ ने संस्कृत की महिमा बताते हुए कहा कि यह भाषा हमारे ऋषियों के तप और साधना रूपी दही से निकला सुमधुर नवनीत (माखन) है। वहीं प्रांत संपर्क प्रमुख महेश दाधीच ने वर्तमान दौर में संस्कृत के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई। प्रांत अध्यक्ष राजगोपाल गट्टानी ने ऊर्जावान कार्यकारिणी गठन के लिए मार्गदर्शन दिया। सम्मेलन में जिला संयोजक पवन रामावत, भुवनेश शर्मा, गिरिराज शर्मा, बृजमोहन शर्मा, संतोष कुमार शर्मा, बालकिशन गौड़, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।