डूंगरपुर नगर परिषद में सभापति पद के लिए कल 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। भाजपा के पास बहुमत से ज्यादा पार्षद होने के कारण सुशीला गुप्ता का सभापति बनना तय माना जा रहा है। कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नगर अध्यक्ष भरत नागदा को मैदान में उतारा है। वहीं, बीएपी के 3 पार्षदों ने अभी तक अपने समर्थन को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। मतदान के बाद दोपहर 2 बजे से मतगणना होगी। भाजपा के पास 25 का समर्थन, बहुमत के लिए 21 जरूरी डूंगरपुर नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं। इनमें भाजपा के 24 पार्षद हैं। भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव जीते सुनील जैन ने भी भाजपा को समर्थन दे दिया है। इस तरह भाजपा के समर्थन में कुल 25 पार्षद हैं। वहीं बहुमत के लिए 21 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। कांग्रेस के पास 12 पार्षद हैं, जबकि बीएपी के 3 पार्षद हैं। ऐसे में बीएपी के तीनों पार्षदों का समर्थन कांग्रेस को मिल जाने पर भी कांग्रेस बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाएगी। सुशीला गुप्ता बनाम भरत नागदा सभापति पद के लिए भाजपा ने पूर्व सभापति एवं स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता की पत्नी सुशीला गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा होने से उनका सभापति बनना तय माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस ने पूर्व नगर अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता भरत नागदा को प्रत्याशी बनाया है। बीएपी के 3 पार्षदों का समर्थन मिलने के बाद भी कांग्रेस के पास बहुमत के लिए जरूरी 21 पार्षदों का आंकड़ा पूरा नहीं होगा। बाड़ेबंदी से सीधे मतदान केंद्र पहुंचेंगे पार्षद भाजपा और कांग्रेस दोनों के पार्षद अपनी-अपनी बाड़ेबंदी में हैं। मतदान के दिन दोनों पार्टियों के पार्षदों को एक साथ बाड़ेबंदी से नगर परिषद स्थित मतदान केंद्र लाया जाएगा। मतदान के बाद उन्हें वापस संबंधित बाड़ेबंदी में ले जाया जाएगा। 2 बजे मतदान खत्म, इसके बाद होगी मतगणना सभापति पद के लिए मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। मतदान पूरा होने के बाद नगर परिषद में ही मतगणना की जाएगी और सभापति पद का परिणाम घोषित होगा। इसके अगले दिन 22 सितंबर को उपसभापति पद के लिए नामांकन और मतदान होगा।