नगर निगम चुनाव के मतदान से एक दिन पहले मंगलवार को मतदान दल अंतिम प्रशिक्षण के बाद अपने-अपने केन्द्रों के लिए रवाना हुए। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में हुए प्रशिक्षण में जिला निर्वाचन अधिकारी कमर चौधरी ने कार्मिकों से निष्पक्षता, पारदर्शिता और टीम भावना के साथ निर्वाचन दायित्व निभाने को कहा। उन्होंने ईवीएम व निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा तथा मतदान केन्द्रों पर अनावश्यक भीड़ नहीं होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान दिवस पर निर्धारित समय पर मॉकपोल कराने के बाद सुबह 7 बजे मतदान शुरू कराएं, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। किसी भी अवांछित गतिविधि की सूचना तत्काल सेक्टर मजिस्ट्रेट को देने के निर्देश दिए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव शर्मा ने मतदान केन्द्रों पर आदर्श आचार संहिता की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रत्याशी के पोस्टर, बैनर अथवा अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री मतदान केन्द्र परिसर में नहीं होनी चाहिए। नगर निगम के रिटर्निंग अधिकारी रिछपाल सिंह बुरड़क ने कहा कि निर्वाचन कार्य संवेदनशील दायित्व है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। एडीएम शहर राहुल सैनी ने मतदान कार्मिकों को किसी भी व्यक्ति का आतिथ्य स्वीकार नहीं करने के निर्देश दिए। इसके बाद मतदान दलों को रवाना किया गया। पहली पारी में सुबह 8 बजे प्रशिक्षण के बाद मतदान दल संख्या 1 से 100 और रिजर्व दल 222 से 244 रवाना हुए। दूसरी पारी में दोपहर 12 बजे प्रशिक्षण के बाद दल संख्या 101 से 201 तथा रिजर्व दल 202 से 221 को केन्द्रों पर भेजा इस दौरान बीडीए आयुक्त कनिष्क कटारिया, आईएएस भानु शर्मा, सहायक कलक्टर आईएएस आलोक सिंह, एसडीएम भारती गुप्ता, कोषाधिकारी लोकेन्द्र सिंह, मुनिदेव यादव, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र गोपालिया, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी हेमंत कुमार, सहायक प्रभारी प्रशिक्षण ओमप्रकाश खूंटेला, डीएलएमटी कर्मवीर सिंह, डॉ. दिलीप गर्ग, मनोज रैंकवार आदि मौजूद रहे। मतदान दलों को महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित प्रशिक्षण केन्द्र से रवाना करने के लिए निजी स्कूल बसों और ईको वाहनों की व्यवस्था की गई थी। प्रशिक्षण केन्द्र पर देखा गया कि जिन्हें नेशनल हाईवे पर एक साइड की आधी सड़क पर बेरिकेट्स लगाकर खड़ा किया गया और जिन मतदान केन्द्रों के रास्ते सुगम व चौड़े हैं, वहां दलों को ले जाने के लिए बसें लगाई गई थीं। इनमें एक साथ तीन मतदान दलों को भी रवाना किया गया। वहीं सकरे रास्तों और तंग गलियों में स्थित मतदान केन्द्रों के लिए छोटे ईको वाहनों का इस्तेमाल किया गया। लेकिन छोटे वाहनों की संख्या कम होने से एक वाहन को अलग-अलग चक्कर लगाने पड़े। एक मतदान दल में एक एआरओ और तीन पीओ सहित चार मतदान कार्मिक तथा दो पुलिसकर्मी यानी कुल छह सदस्य होते हैं। इसलिए वाहनों को बार-बार चक्कर लगाकर दलों को उनके मतदान केन्द्रों तक पहुंचाना पड़ा।