राजपुर| कस्बे और आसपास के क्षेत्र के किसान इन दिनों डीएपी और यूरिया के लिए भटक रहे हैं। आसपास की सोसायटियों और दुकानों पर खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों को अभी धान की फसल के लिए खाद चाहिए। कस्बे में फर्टिलाइजर की 4 दुकानें हैं, लेकिन किसी भी दुकान पर खाद नहीं है। कुछ दिनों में रबी फसलों की बुवाई भी शुरू होने वाली है। खाद नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि सबसे ज्यादा दिक्कत फार्मर आईडी से खाद मिलने की प्रक्रिया में हो रही है। किसान खाद बुक करते हैं। ऑनलाइन बहुत दूर दूसरी तहसीलों की दुकानों के नाम आते हैं। बुकिंग प्रक्रिया रात में होती है। कुछ ही देर में बुकिंग बंद हो जाती है। कस्बे के संजय बंसल, मुकेश मेहता, शिवचरण किराड़ ने बताया कि पिछले सीजन में भी अटैचमेंट के साथ खाद ज्यादा दामों में मिला था। अब नए नियम बनाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। किसानों ने बताया कि कस्बे की एक भी दुकान पर खाद नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे किसानों को हो रही है। पिछले सीजन में भी लाइन में लगकर खाद लेना पड़ा था। इस साल अभी तक फर्टिलाइजर दुकानों पर खाद नहीं आया है। इस वर्ष बीज, दवाई, डीजल के दाम बढ़ने से किसान पहले से परेशान हैं। किसानों की मांग है कि नए नियम हटाए जाएं। पुरानी प्रक्रिया के हिसाब से कस्बे की सोसायटी या कस्बे की दुकानों पर खाद उपलब्ध कराया जाए।