जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश व सचिव सुंदर लाल खारोल की अध्यक्षता में कानूनी जागरूकता शिविर हुआ। शिविर में एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। पॉक्सो अधिनियम-2012 पर बात हुई। बाल विवाह, मानव तस्करी, बाल श्रम, बच्चों के शोषण से जुड़े कानून समझाए गए। नशे के दुष्प्रभाव भी बताए गए। शिविर में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के 2014 के नालसा फैसले के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को तीसरे लिंग के रूप में कानूनी पहचान मिली। ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिकार संरक्षण अधिनियम-2019 के तहत शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं में भेदभाव पर रोक के प्रावधान बताए गए। बाल विवाह, बाल श्रम रोकने के कानूनी प्रावधान समझाए गए। बच्चों के साथ होने वाले शोषण से बचाव के नियम बताए गए। दहेज प्रथा को कानूनन अपराध बताया गया। दहेज नहीं लेने-देने का संकल्प दिलाया गया। नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई। नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में टीआर आमेटा, रेखा, श्रवण सहित अन्य मौजूद रहे।