गोविंदगढ़ सीएचसी में हर रोज 700 से 800 मरीज आते हैं। मगर उन्हें सुविधाओं के नाम पर परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में सीबीसी (CBC) जांच मशीन पिछले दो महीनों से बंद है। लैब टेक्नीशियन उमेश अग्रवाल ने बताया कि यह मशीन करीब 15 साल पुरानी हो चुकी है। इसे मरम्मत के लिए लगभग एक महीने तक जयपुर भी भेजा गया था, लेकिन इसके बाद भी यह ठीक नहीं हुई। रोजाना औसतन 150 मरीज सीबीसी जांच के लिए अस्पताल आते हैं। उन्हें अस्पताल के बाहर निजी लैब में जाकर महंगे टेस्ट कराने पड़ रहे हैं। मरीजों को खुद खरीदने पढ़ रहे इंजेक्शन स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ जांच ही नहीं, बल्कि इमरजेंसी और भर्ती वार्डों में भी जरूरी जीवनरक्षक सामान नहीं है। मरीजों के परिजनों को बाजार से एसवी सेट (SV Set) और ओण्डा के इंजेक्शन खुद खरीदने पड़ रहे हैं। स्थानीय निवासी जोनू खेड़ापति ने कहा कि मौसम बदलने से इलाके में वायरल, मलेरिया और डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में अस्पताल में जरूरी सुविधाएं और दवाइयां न होना लोगों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। अस्पताल की इस स्थिति और मरीजों की परेशानी को लेकर चिकित्सा प्रभारी डॉ. एस.के. शर्मा से सवाल किया गया। उन्होंने बजट की कमी का कारण बताकर अपनी बात खत्म की।