हनुमानगढ़ में बुधवार को ओबीसी समाज के लोगों ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें आगामी जनगणना में जातियों की सही और वैज्ञानिक गणना सुनिश्चित करने की मांग की गई। ज्ञापन में ओबीसी की स्पष्ट और अलग श्रेणी रखने, हर जाति के लिए विशिष्ट वैज्ञानिक कोड तय करने और राज्यवार मानकीकृत जाति मास्टर लिस्ट बनाने की मांग उठाई गई। 'जनगणना शुरू होने से पहले प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाना जरूरी' पार्षद गुरदीप चहल ने कहा कि भारत में एक ही जाति को अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जिससे आबादी के आंकड़े बंट सकते हैं। इसलिए प्रमाणित पर्यायवाची नामों को एक ही मानक कोड से जोड़ने की वैज्ञानिक व्यवस्था हो। डिजिटल जनगणना में गणनाकर्ताओं के लिए सर्चेबल ड्रॉप-डाउन मेन्यू और असिस्टेड सिलेक्शन सिस्टम उपलब्ध कराने की भी मांग हुई। इसमें प्रमाणित नामों को संबंधित जाति कोड से जोड़ा जाए। रविंद्र बेनीवाल ने बताया कि सही जातिगत आंकड़े शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़ी नीतियां बनाने में अहम हैं। जनगणना शुरू होने से पहले प्रक्रिया को वैज्ञानिक और त्रुटिरहित बनाना जरूरी है। यह सिर्फ ओबीसी का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा है।