वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में ओसवाल भवन, नजरवाड़ी में पर्युषण महापर्व के पहले दिन धर्मसभा हुई। साध्वी महिमा महाराज, साध्वी तेजस, साध्वी हंस और साध्वी सुवासिनी के सानिध्य में आयोजित सभा में साध्वी महिमा ने कहा कि पर्युषण लौकिक नहीं, बल्कि लोकोत्तर पर्व है। यह आत्मा पर लगी कलुषता को दूर कर आत्मशुद्धि और परलोक सुधार का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि स्टेटस बदलने से जिंदगी नहीं बदलती, सोच बदलने से जिंदगी बदल सकती है। पर्युषण आत्मा का चारों ओर से अवलोकन कर भीतर की अशुद्धियों को दूर करने का पर्व है। यह नर को नारायण और मानव को महामानव बनाने की शक्ति रखता है। प्रचार-प्रसार मंत्री भैरूलाल हिंगड़ ने बताया कि साध्वी हंस ने ‘वक्त और दौलत’ विषय पर प्रवचन दिया। धर्मसभा में लाभार्थी परिवार अशोककुमार विमल और दीपक पगारिया ने अंतगढ़ दशांग सूत्र की पोथी साध्वी को भेंट की। इसका वाचन आठ दिन तक सुबह 8.30 से 9 बजे तक होगा। संघ अध्यक्ष कैलाशचंद्र तलेसरा ने बताया कि मंगलवार सुबह अखंड नवकार महामंत्र जाप शुरू हुआ, जो आठ दिन चलेगा। दोपहर में महावीर भवन में कल्पसूत्र वाचन और सूर्यास्त के साथ प्रतिक्रमण होगा। पहले दिन सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने तप-त्याग के प्रत्याख्यान लिए। संचालन सुधीर पगारिया ने किया।