खारी बावड़ी स्थित शनि देव मंदिर के सामने श्रीशनि देव सेवा समिति की ओर से 18 वर्षों से मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इस वर्ष भी 10 दिवसीय श्रीगणेश महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। प्रतिदिन गणेश प्रतिमा का विधिवत पूजन-अर्चन और आकर्षक श्रृंगार किया जा रहा है। महोत्सव में समिति की ओर से विशेष प्रसादी वितरण, भजन संध्या, सुंदरकांड पाठ, महिलाओं के लिए मेहंदी प्रतियोगिता और बच्चों की डांस प्रतियोगिता सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। समिति के संरक्षक सत्य प्रकाश सेन ने बताया कि महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और बड़ी संख्या में भक्त दर्शन व पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। मिट्टी की प्रतिमा का धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने मिट्टी और उबटन से भगवान गणेश की रचना की थी। इसी वजह से मिट्टी को गणेश प्रतिमा निर्माण का पवित्र माध्यम माना जाता है। मिट्टी की प्रतिमा का विसर्जन प्रकृति में वापस लौटने का संदेश देता है। साथ ही इसके प्राकृतिक रूप से घुलने से जल प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है। इसी धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ समिति 18 वर्षों से मिट्टी के गणेश स्थापित कर रही है।