आलूंडा देवी मंदिर परिसर में शुक्रवार को राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन शुरू हुआ। सम्मेलन में शिक्षकों से जुड़ी लंबित समस्याओं, संगठन की मजबूती और स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि शिक्षा विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक वीर सिंह बेनीवाल ने कहा कि शिक्षक हितों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए शिक्षकों का संगठित होना जरूरी है। जिला मंत्री सुनील गोयल ने संगठन का प्रतिवेदन पेश किया। जिला अध्यक्ष अमर सिंह मीना ने शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दे रखे। प्रदेश महामंत्री रामदयाल मीना ने संगठन की गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। सम्मेलन में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नति की मांग प्रमुख रही। तृतीय वेतन श्रेणी अध्यापक पद से सीधी भर्ती के जरिए वरिष्ठ अध्यापक और व्याख्याता पदों पर चयनित कार्मिकों को पूर्ण वेतन संरक्षण देने की मांग भी उठी। वाइस प्रिंसिपल पदों पर शीघ्र पदस्थापन की मांग रखी गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होने सेवे शैक्षिक दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। इससे विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार होगा। सम्मेलन में संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। आयोजन का दूसरा दिन भी चर्चा और प्रस्तावों के साथ जारी रहेगा। शिक्षक प्रशिक्षण सम्मेलन में नवाचार और गुणवत्ता पर चर्चा ढहरिया | राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शुक्रवार को गुढ़ाचंद्रजी के एक निजी स्कूल में दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण सम्मेलन शुरू हुआ। सम्मेलन में शिक्षण में नवाचार, विद्यार्थियों के बौद्धिक व शारीरिक विकास और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। नादौती ब्लॉक अध्यक्ष कमलराम मीना ने बताया कि बैठक में शिक्षकों की समस्याओं पर विचार रखा गया। जेपीसी से जुड़े मुद्दे उठे। पीएल योजना पर भी चर्चा हुई। गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कामों से मुक्त रखा जाए ताकि वे पढ़ाई पर अधिक समय दे सकें। सम्मेलन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मीना ने की। उन्होंने शिक्षकों से नई शिक्षण पद्धतियां अपनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने को कहा। सम्मेलन में पुनीत भारद्धाज सहित अन्य शिक्षकों ने भी अपने विचार रखे।