निकाय चुनाव के बीच पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सीएम भजनलाल शर्मा और बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के अलग-अलग शहरों में रोड शो कर रहे हैं लेकिन पिछले ढाई साल में राजस्थान की कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को रोड शो करने के बजाय जनता को प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था पर जवाब देना चाहिए। खाचरियावास ने दावा किया कि राजस्थान में रेप के मामले लगातार बढ़े हैं। प्रदेश इस मामले में देश में नंबर वन हो गया है। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार से सवाल पूछ रही है और चुनाव में इसका जवाब वोट की चोट से दिया जाएगा। दारू बांटने के आरोप लगाए खाचरियावास ने बीजेपी पर चुनाव के दौरान शराब बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले चार दिनों से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में बीजेपी के लोग शराब बांट रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनसे शिकायत की है कि उन्हें पूरी बोतल देने के बजाय पव्वे दिए जा रहे हैं। खाचरियावास ने कहा कि लोगों ने उन्हें बताया कि वे अंग्रेजी शराब की पूरी बोतल मांगते हैं, लेकिन उन्हें देशी शराब दी जा रही है। चिकित्सा व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा पूर्व मंत्री ने प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकारी हॉस्पिटल में 22 महिलाओं की मौत हुई। इलाज के दौरान पांच महिलाएं आंखों की रोशनी खो बैठीं। उन्होंने सात महिलाओं की किडनी फेल होने का भी दावा किया। खाचरियावास ने आरोप लगाया कि राजस्थान में मरीजों को नकली दवाइयां दी जा रही हैं, जिससे बीमारी ठीक होने के बजाय मरीजों की स्थिति और खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता इन मुद्दों को भूलेगी नहीं और चुनाव में बीजेपी को इसका जवाब देगी। जयपुर के तीन इलाकों पर सवाल खाचरियावास ने मुख्यमंत्री के जयपुर रोड शो को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजधानी में रोड शो कर रहे हैं, लेकिन सांगानेर में रोड शो नहीं हो रहा, जबकि वहां सड़कों की हालत खराब है। उन्होंने डिप्टी सीएम दिया कुमारी और कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के विधानसभा क्षेत्रों का भी जिक्र करते हुए कहा कि इन इलाकों में भी हालात खराब हैं। खाचरियावास के मुताबिक, राजधानी जयपुर के इन क्षेत्रों में जनता मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही। CM के बयान पर भी साधा निशाना खाचरियावास ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान आने पर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की एक फौज उन्हें बचाने में जुट जाती है। अपने पुराने बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के शराब पीने और मलाई के लड्डू खाने की बात कहने में उन्होंने कोई अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री दूध और लस्सी नहीं पीते तो क्या पीते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं को हर बात में शराब इसलिए नजर आती है, क्योंकि उनके मुताबिक प्रदेश में शराब बांटने का काम किया जा रहा है।
दिया कुमारी की टिप्पणी पर भी पलटवार डिप्टी सीएम दिया कुमारी की ओर से जनता को औकात में रहने की नसीहत दिए जाने के बयान पर भी खाचरियावास ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जनता अपनी औकात में है, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को यह याद रखना चाहिए कि वे जनसेवक हैं। उन्होंने कहा कि अब राजकुमारी नहीं, बल्कि जनसेवक बनकर जनता के बीच काम करना चाहिए और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनता को सीधे संपर्क की सुविधा देनी चाहिए। IIFA के 100 करोड़ के खर्च का मुद्दा उठाया खाचरियावास ने जयपुर में हुए IIFA आयोजन को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जयपुर के आराध्य गोविंद देवजी मंदिर के विकास के लिए प्रस्तावित 100 करोड़ रुपए IIFA आयोजन में खर्च कर दिए गए। उन्होंने कहा कि अगर यह पैसा गोविंद देवजी मंदिर के विकास पर खर्च किया जाता तो रोजाना मंदिर आने वाले हजारों-लाखों श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिल सकती थीं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जयपुर में IIFA कराने से आम जनता को आखिर क्या मिला। बीजेपी के खिलाफ वोट से सरकार नहीं गिरेगी खाचरियावास ने कहा कि इस निकाय चुनाव में बीजेपी के खिलाफ वोट देने से न तो बीजेपी सरकार गिरेगी और न ही मुख्यमंत्री की कुर्सी जाएगी। लेकिन जनता अगर बीजेपी के खिलाफ मतदान करती है तो ढाई साल से अटके विकास कार्यों को गति मिलेगी और सरकार को जनता की सुनवाई करनी पड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में निर्दलीय उम्मीदवार भी खड़े कर रही है। खाचरियावास ने कहा कि जयपुर के हालात प्रदेश में सबसे ज्यादा खराब हैं और इसके बावजूद मुख्यमंत्री रोड शो के जरिए जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोड शो में बीजेपी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री पर फूल बरसाएंगे, लेकिन शहर की समस्याओं से जूझ रही जनता इसे अपमान के तौर पर देख रही है और इसका जवाब चुनाव में वोट के जरिए देगी।