जैसलमेर जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत अत्यंत गरीब परिवारों के लिए रिजर्व अंत्योदय श्रेणी में फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिला रसद विभाग की जांच में 66 ऐसे परिवार मिले हैं, जिन्होंने बिना वैध दस्तावेजों के अपना राशन कार्ड गलत तरीके से अंत्योदय श्रेणी में बदलवा लिया। ये कार्ड पहले बीपीएल या एपीएल श्रेणी में दर्ज थे, जिन्हें बाद में ई-मित्र के जरिए मिलीभगत कर बदला गया। नोटिस जारी, दस्तावेज नहीं दिए तो होगी वसूली जिला रसद अधिकारी सवाई राम के अनुसार, सभी संदिग्ध कार्डधारकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। तय समय में सही दस्तावेज पेश नहीं करने पर अंत्योदय श्रेणी रद्द कर दी जाएगी। साथ ही अब तक लिए गए पूरे गेहूं की 32 रुपए प्रति किलो की दर से वसूली की जाएगी। विभाग दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन भी कर रहा है। सामान्य परिवार को 5 किलो, अंत्योदय को 35 किलो गेहूं योजना में सामान्य/एनएफएसए परिवार को प्रति सदस्य हर महीने 5 किलो गेहूं मिलता है, जबकि अंत्योदय परिवार को एक राशन कार्ड पर सीधे 35 किलो गेहूं दिया जाता है। इसी बड़े अंतर का लाभ लेने के लिए नियमों को दरकिनार कर श्रेणी बदलवाई गई। इससे योजना के असली और बेहद गरीब पात्र परिवारों का हक प्रभावित हुआ है। ई-मित्र संचालकों की भूमिका भी जांची जाएगी फर्जीवाड़े की जांच का दायरा राशन कार्डधारकों तक सीमित नहीं रहेगा। आवेदन प्रोसेस करने वाले ई-मित्र संचालकों की भूमिका की भी जांच होगी। ई-मित्र केंद्रों को बिना निर्धारित दस्तावेजों के अंत्योदय आवेदन स्वीकार नहीं करने की हिदायत दी गई है। नियमों के खिलाफ श्रेणी परिवर्तन करने वाले संचालकों पर सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। दस्तावेज नहीं देने पर बाजार दर से अनाज की वसूली विभाग के अनुसार, जिन लाभार्थियों के दस्तावेज सही नहीं पाए जाते हैं या जो तय समय में प्रमाण पेश नहीं करते, उनकी श्रेणी रद्द की जाएगी। ऐसे लाभार्थियों से अब तक लिया गया सारा अनाज बाजार दर से वसूला जाएगा।