जैसलमेर के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर में कूदकर आत्महत्या करने वाले कॉन्स्टेबल अनिरुद्ध सिंह सोढा के मामले में पिछले दो दिनों से चल रहा गतिरोध गुरुवार को खत्म हो गया। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर परिजन और ग्रामीण पुलिस थाने के बाहर धरने पर बैठे थे। भारी विरोध प्रदर्शन और बाजार बंद के बीच प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की समझाइश के बाद सहमति बनी। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे परिजन कॉन्स्टेबल की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर पुलिस थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे। विरोध के समर्थन में स्थानीय बाजार भी बंद रखे गए। गुरुवार को विधायक छोटू सिंह भाटी, पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव और महंत बालभारती महाराज सहित कई जनप्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस ने निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी का आश्वासन दिया पुलिस प्रशासन ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले में दर्ज धाराओं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन अनुसंधान किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा- घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन के आश्वासन और जनप्रतिनिधियों की मध्यस्थता के बाद परिजन धरना समाप्त करने पर सहमत हुए। दो दिन से जारी गतिरोध खत्म होने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच थानों का अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया था। आबूरोड सदर थाने में तैनात थे अनिरुद्ध सिंह कॉन्स्टेबल अनिरुद्ध सिंह सोढा सिरोही जिले के आबूरोड सदर थाने में तैनात थे। वह बाड़मेर की इंदिरा कॉलोनी के निवासी थे। उनका शव 6 अक्टूबर को जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ क्षेत्र में जीरो आरडी के पास इंदिरा गांधी नहर से बरामद किया गया था। सुसाइड से पहले वीडियो बनाकर लगाए थे प्रताड़ना के आरोप मौत से पहले अनिरुद्ध सिंह ने अपनी कार में एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने अपनी पत्नी, ससुर, साले और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर पिछले पांच साल से प्रताड़ित करने तथा झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। वीडियो में उन्होंने कहा था कि कथित प्रताड़ना के कारण वह मानसिक रूप से परेशान थे। मामले में सामने आए आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।