झालावाड़ में 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान जागरूकता पखवाड़े का समापन हुआ। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. साजिद खान के नेतृत्व में जिला अंधता निवारण समिति की ओर से यह आयोजन किया गया। पूरे पखवाड़े जिले में नेत्रदान के प्रति जागरूकता के लिए कई कार्यक्रम हुए। समापन कार्यक्रम धाकड़ पैरामेडिकल कॉलेज में हुआ। यहां विद्यार्थियों को नेत्रदान के महत्व, आंखों की देखभाल और इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में बताया गया। प्रितम शर्मा, गिरीश कुमार और ललित गुर्जर ने विद्यार्थियों को जागरूक किया। इस दौरान विद्यार्थियों और मौजूद लोगों ने नेत्रदान की शपथ भी ली। मौत के बाद किसी की जिंदगी में रोशनी ला सकता है नेत्रदान सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने कहा कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी दृष्टिबाधित व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकता है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों से नेत्रदान के प्रति सकारात्मक सोच रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। नेत्रदान को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां और संकोच हैं। जागरूकता अभियान के दौरान इन्हें दूर करने पर खास जोर दिया गया। जिला अंधता निवारण समिति समय-समय पर नेत्र जांच और नेत्र संबंधी जागरूकता अभियान भी चला रही है। नेत्रदान सिर्फ एक दान नहीं, बल्कि किसी दूसरे व्यक्ति के लिए नई रोशनी की उम्मीद है।