झारखंड के दो साइबर ठगों द्वारा अलवर के एक होटल में किराए का कमरा लेकर ऑनलाइन फ्रॉड की वारदातों को अंजाम देने का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गैंग के ठग मोहम्मद जाकिर पुत्र मोहम्मद जाहिद निवासी झारखंड को गिरफ्तार कर लिया है। उसका दूसरा साथी तारीक अजीज पुत्र मोहम्मद हनीफ अंसारी फरार हो गया। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग के तार अलवर से जुड़े हैं। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार साइबर ठग से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। थाना इंचार्ज दिनेश मीणा ने बताया कि आरोपी मोहम्मद जाकिर को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। ठग के चेकआउट से पहले होटल संचालक के पास बैंक से फ्रॉड की राशि का मैसेज आया: दरअसल, यह पूरा मामला होटल संचालक अवतार सिंह निवासी मोहल्ला टिटोड़ा की सतर्कता की वजह से उजागर हुआ। कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार, होटल लिंडो लूगर (स्कीम नंबर-2) के संचालक अवतार सिंह ने बताया कि 1 अक्टूबर को ओयो एप के जरिए मोहम्मद जाकिर के नाम से ऑनलाइन रूम बुकिंग आई थी। इसके बाद मोहम्मद जाकिर अपने एक साथी तारीक अजीज के साथ 1 अक्टूबर तड़के करीब 3 बजे होटल में आकर रुक गए। आरोपी तारीक अजीज 2 अक्टूबर को होटल से चला गया। मोहम्मद जाकिर रूम में ठहरा रहा। 3 अक्टूबर की शाम करीब 4 बजे होटल के खाते में 1,184 रुपए का किराया ठग तारीक अजीज के नाम वाले फोन-पे अकाउंट से ट्रांसफर किया गया। अगले दिन 4 अक्टूबर को बैंक से होटल संचालक के पास मैसेज आया कि उसके खाते में साइबर फ्रॉड की राशि 1,184 रुपए ट्रांसफर हुई है। इसी कारण बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिया गया है। बैंक का संदेश मिलते ही होटल संचालक को माजरा समझते देर नहीं लगी। उन्होंने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए रूम में ठहरे आरोपी मोहम्मद जाकिर को दबोच लिया। उन्होंने कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। आरोपी मोहम्मद जाकिर ने स्वीकार किया कि वे अलवर में होटल में ठहरकर ही ऑनलाइन फ्रॉड की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। फरार साथी तारीक अजीज का एक साथी मोहित नाम का युवक है। वह अलवर का ही रहने वाला है। पुलिस अब फरार ठग तारीक अजीज की तलाश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गैंग के तार अलवर और आसपास के इलाकों में किन-किन लोगों से जुड़े हैं। गैंग ने अलवर के कितने लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया है। गौरतलब है कि साइबर ठग बीबीए फाइनल ईयर का छात्र है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है।