कोटा में 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते ACB के ट्रैप में पकड़े गए आरोपी संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। आरोप है कि वह अपने भाई के दस्तावेजों पर नगर निगम में काम कर रहा था। ACB ने सोमवार को रिश्वत लेते उसे ट्रैप किया था, जिसके बाद आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया और वहां से जेल भेज दिया गया। एसीबी एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि परिवादी को पीएम आवास योजना के तहत 4 किस्तों में 2.50 लाख मिलने थे। पहली किस्त में 50 हजार मिले। पहली किस्त जारी होने के बाद अगली किस्त पास कराने के एवज में संविदाकर्मी अखिलेश और नरेश वर्मा परिवादी से रिश्वत मांग रहे थे। स्वर्णकार ने बताया कि सोमवार को 10 हजार की रिश्वत लेते अखिलेश को पकड़ा था। जबकि ट्रैप की भनक लगते ही दूसरा आरोपी संविदाकर्मी नरेश फरार हो गया था। नरेश ने 5 हजार की रिश्वत मांगी थी। भाई के डॉक्यूमेंट से निगम में संविदा पर कर रहा था काम डीएसपी अनीस अहमद ने बताया कि अखिलेश, भाई के डॉक्यूमेंट से निगम में संविदा पर काम कर रहा था। निगम में आरोपी के भाई भरत मीणा के दस्तावेज लगे हुए हैं और वेतन भी भाई के खाते में ही जा रहा था। लेकिन नौकरी आरोपी अखिलेश मीणा कर रहा था। अखिलेश पहले ड्राइवर भी था। निगम की अन्य शाखाओं में काम कर चुका है। वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना शाखा में काम कर रहा है। इनका काम मौके पर जाकर उसकी रिपोर्ट देना होता है। --------------- मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…. कोटा निगम में घूस लेते संविदाकर्मी गिरफ्तार, दूसरा फरार:प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त जारी करने के लिए मांगी रिश्वत