कोटा में मेयर पद को लेकर स्थिति क्लियर हो चुकी है। बीजेपी से अनुसुईया गोस्वामी मेयर पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं तो कांग्रेस की तरफ से सुनीता सुमन का नामांकन भरवाया गया है। हालांकि यहां बीजेपी बोर्ड बनाती नजर आ रही है। दोनों प्रत्याशियों के हलफनामे की जांच में सामने आया कि बीजेपी प्रत्याशी अनुसुईया गोस्वामी करोड़ो की मालकिन हैं, लेकिन कर्ज भी है। इधर, सुनीता के पास स्कूटी तक नहीं है। पढ़िए दोनों प्रत्याशियों की संपत्ति के बारे में… कांग्रेस प्रत्याशी: ससुर के मकान में निवास, पास में एक गाड़ी तक नहीं कांग्रेस की ओर से महापौर पद की उम्मीदवार सुनीता कुमारी सुमन की आर्थिक स्थिति बेहद साधारण है। हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति सिर्फ 2.53 लाख है। इसमें 10 हजार की नकदी है, जबकि उनके पति हरिओम के पास 80,000 रुपए हैं। सुनीता के बैंक खाते में एक हजार और पति के खाते में 2,895 रुपए जमा हैं। सुनीता के पास 10 ग्राम सोने के जेवर हैं, जिनकी कीमत करीब 1.60 लाख है। कांग्रेस मेयर प्रत्याशी पर कोई कर्ज नहीं उनके या उनके पति के नाम पर कोई दोपहिया या चौपहिया वाहन दर्ज नहीं है। यानी कि सुनीता के पास स्कूटी तक नहीं है। वहीं सुनीता के नाम पर कोई भूखंड या मकान नहीं है। वह अपने पति के साथ ससुर के मकान में ही रहती हैं। उन पर किसी प्रकार का कर्ज नहीं है। भाजपा प्रत्याशी: तीन गाड़ियां, 14 लाख का लोन भाजपा उम्मीदवार अनुसुईया गोस्वामी की गिनती शहर के समृद्ध प्रत्याशियों में होती है। एफिडेविट के मुताबिक अनुसुईया की कुल चल-अचल संपत्ति 1.64 करोड़ है। इसमें अनुसुईया और उनके पति शिवराज गोस्वामी के पास 1.50 लाख की नकदी है, जबकि बैंक खातों में 63,946 जमा हैं। उनके पास 200 ग्राम और पति के पास 50 ग्राम सोना है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 37.50 लाख है। दंपती के पास तीन गाड़ियां हैं, जिनमें 2 लाख की साधारण कार के अलावा 13 लाख और 35 लाख की दो लग्जरी एसयूवी शामिल हैं। नए कोटा की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में उनके पास 75 लाख का एक फ्लैट है। हालांकि, उन पर 14.81 लाख का फ्लैट लोन और पति पर एसयूवी का 25 लाख का कार लोन यानी कुल कर्ज लगभग 39.81 लाख भी है। कांग्रेस से उत्तर और बीजेपी से दक्षिण से प्रत्याशी कोटा में कांग्रेस ने मेयर पद के लिए उत्तर से प्रत्याशी फाइनल किया है। सुनीता ने कोटा उत्तर के वार्ड 17 से चुनाव जीता है। पार्टी ने माली समाज को साधने की कोशिश करते हुए सुनीता का नामांकन करवाया है। सुनीता के नामांकन के बाद बीजेपी में भी हलचल हुई थी, लेकिन बीजेपी में स्थानीय नेतृत्व अनुसुईया गोस्वामी के नाम पर सहमत था। हालांकि अन्य पार्षद बंट गए थे। ऐसे में पार्टी को नाम तय करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी और ऐन वक्त पर नाम तय किया गया था।