कोटपूतली में श्री देवधाम जोधपुरिया के लिए 35वीं विशाल ध्वज पदयात्रा शुक्रवार को कोटपूतली से रवाना हुई। श्री देवनारायण जन कल्याण संस्थान राजस्थान के तत्वावधान में हर साल आयोजित होने वाली यह पदयात्रा पूतली स्थित श्री देवनारायण मंदिर से टोंक-निवाई स्थित देवधाम जोधपुरिया के लिए शुरू हुई। पदयात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग भगवान देवनारायण के जयकारों से गूंज उठा। हजारों पदयात्री हाथों में रंग-बिरंगी और आकर्षक ध्वज पताकाएं लेकर यात्रा में शामिल हुए। हरियाणा-दिल्ली से आए पदयात्रियों का स्वागत मुख्य पदयात्रा शुरू होने से पहले बानसूर रोड स्थित अनाज मंडी परिसर के श्री शिव मंदिर पर हजारों पदयात्रियों का स्वागत किया गया। इनमें हरियाणा, दिल्ली और आसपास की तहसीलों से आए श्रद्धालु शामिल थे। विधायक हंसराज पटेल के नेतृत्व में पदयात्रियों का जोरदार स्वागत किया गया। विधायक हंसराज पटेल ने कहा कि आज कोटपूतली की यह पवित्र जगह देवलोक जैसी लग रही है। यह सिर्फ पदयात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कोटपूतली की जनता की ओर से सभी श्रद्धालुओं और पदयात्रियों का स्वागत किया। पैरों में छाले, दिल में अटूट विश्वास लेकर चल रहे श्रद्धालु विधायक पटेल ने कहा कि पदयात्री सैकड़ों किलोमीटर की कठिन यात्रा पैरों में छाले और दिल में अटूट विश्वास लेकर पूरी कर रहे हैं। उन्होंने पदयात्रियों की तपस्या को सराहनीय बताते हुए भगवान देवनारायण से कोटपूतली क्षेत्र और पूरे प्रदेश में खुशहाली व समृद्धि की प्रार्थना की। रथ, झांकियों और बैंड-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा इसके बाद कस्बे के मुख्य मार्गों से भगवान श्री देवनारायण की बड़ी शोभायात्रा निकाली गई। रथों, झांकियों और बैंड-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा का नगर में जगह-जगह स्वागत किया गया। लोगों ने पुष्प वर्षा की, आरती उतारी और श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। इन्होंने स्वागत किया शोभायात्रा कस्बे के मुख्य मार्गों से होते हुए ग्राम पूतली स्थित भगवान श्री देवनारायण मंदिर पहुंची। यहां ध्वजों का स्वागत महंत बलराम दास, मंदिर के महंत कैलाश दास, एडवोकेट राजाराम कसाना, विक्रम रावत, यादराम जांगल, एडवोकेट राजेन्द्र रहीसा, मदन हवलदार, हंसराज रावत, अशोक घांघल, धर्मपाल डीलर, रामसिंह सुंदरपुरा, महेश कसाना, बिल्लू पूतली, विजय कसाना, गिरीराज, विक्रम, सुरेंद्र, सेडूराम, महेश, चेतराम, बाबूलाल, सतीश गुरुजी सहित अन्य लोगों ने किया।