भाद्रपद कृष्ण द्वादशी के मौके पर कुंडल मुख्यालय स्थित करीब 350 साल पुराने मुरली मनोहर मंदिर में बुधवार को भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिर के जीर्णोद्धार का काम पूरा होने पर कुंडल सर्वसमाज ने यह भंडारा आयोजित किया। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। पंडित उमा शंकर शर्मा और रत्नेश उपाध्याय ने बताया कि मंदिर परिसर को बहुत सुंदर ढंग से सजाया गया था। ठाकुरजी की मनमोहक झांकी भी सजाई गई, जिसके दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। धार्मिक विधि-विधान के साथ ठाकुरजी को भोग लगाकर भंडारे की शुरुआत की गई। भव्य झांकी में ठाकुरजी के सुंदर स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। मंदिर परिसर में भक्ति गीत और मुरली मनोहर भगवान के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र में सुख-शांति और खुशहाली की कामना की। इस भंडारे में कुंडल और आसपास के गांवों के अलावा दौसा जिले के अलग-अलग क्षेत्रों और दूसरे जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने पंगत में बैठकर प्रेम और श्रद्धा के साथ प्रसादी खाई। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों में इस आयोजन को लेकर खास उत्साह दिखा। कुंडल सर्वसमाज के लोगों ने भंडारे की व्यवस्थाओं में पूरा सहयोग किया। श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी बांटने, पानी, पंगत की व्यवस्था और साफ-सफाई सहित कई इंतजाम संभाले गए। युवाओं और समाजसेवियों ने भी पूरे उत्साह के साथ श्रद्धालुओं की सेवा की। ऐतिहासिक मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद आयोजित यह भंडारा आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का संगम बन गया। ठाकुरजी की मनमोहक झांकी, विधिवत भोग और कन्याओं की पहली पंगत के साथ शुरू हुए इस आयोजन में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस आयोजन में तेजप्रकाश पुजारी, राजेन्द्र पुजारी, घनश्याम सैन, भाजपा जिला मंत्री सियाराम एडवोकेट, भगवत पटेल, शिम्भु दादा, प्रभू खुड़ाया, रामस्वरूप बावड़ीवाला, बाबूलाल खुड़ाया, रमेश टेलर, सूरजमल हेता, कैलाश चौबे, रामेश्वर हड़कल्या, दिनेश पटेल, गिर्राज बाबा, हनुमान भगत, सुरेश जैतावाला, रामराय, हड़कल्या, मुरारी सैनी, विष्णु बूसर, सत्यनारायण रावत, राजू बूसर, सुरेश मंडफोडा, अमरसिंह चौहान, बनवारी पटेल, नानू पेंटर, मांगीलाल ढखोदिया, कृष्णवतार बाजारवाले, छोटेलाल गुरूजी, अर्पित पटेल, कैलाश गुरु, सेडमल निचलाबास, चिरंजी बडाला, भवानी शंकर उपाध्याय, जीतू उपाध्याय, घनश्याम बडाला, पवन सोनी, पप्पू ऊपरलाबास, रामसिंह मीना, ताराप्रकाश मंडफोडा, राजेंद्र उपाध्याय, रत्नेश उपाध्याय, समाजसेवी सुगन मीना, त्रिलोक दिवान, विमल बडाला, राम फूल योगी, जगदीश जकड़ी, रवि मंडफोडा, सुरेश उपाध्याय, देवेन्द्र मीना, सियाराम बगीचीवाले, गिर्राज हड़कल्या, सत्यनारायण बाजार वाले, विमल बडाला, सतीश बाजारवाले, घनश्याम बडाला, कालू चौबे, बबलू प्रजापति, श्रवण सौदावत, वीनू जोशी, विशम्भर निचलाबास, राधे सौदावत, मुकेश हरलावाला, गिर्राज बावड़ीवाले, सत्यनारायण पाटोदिया, मनीष पटेल, बाबू बंदावला, अजय उपाध्याय, पप्पू खाती, विजेंद्र पटेल, सुरेश मंडफोडा, नानू पेंटर, मनीष बडाला, बिटटू उपाध्याय, लोकेश सौदावत, लाला मीना और छोटा मीना सहित कई लोग मौजूद रहे।