आऊवा के पास बांता गांव में सेहवाज स्थित हिंगलाज माता मंदिर की पहाड़ी पर लेपर्ड देखा गया। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान चलाया। वन विभाग ने पिंजरा लगाया मारवाड़ जंक्शन के क्षेत्रीय वन अधिकारी सुरेंद्रसिंह ने बताया कि लेपर्ड के मूवमेंट को लेकर सर्च अभियान चल रहा है। पथरीली जमीन होने के कारण कोई फुटमार्क नहीं मिले हैं। पहाड़ी के पास जहां पानी भरा है, वहां पुराने फुटमार्क दिखे हैं। इसी आधार पर ट्रैक कैमरे लगाए जा रहे हैं। पानी वाले इलाके में पिंजरा भी लगाया गया है, जिसमें शिकार रखा गया है। ग्रामीणों को अकेले बाहर न घूमने की सलाह दी गई है। रात के समय खास सावधानी बरतने को कहा गया है, ताकि कोई हादसा न हो। वन विभाग की टीम से उम्मेदसिंह और मुकेश सहित रेंज के कर्मचारी लगातार लपर्ड के मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं। पशुपालकों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। 2 किलोमीटर दूर सेहवाज माता मंदिर की पहाड़ी पर मूवमेंट दरअसल, बांता गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर सेहवाज माता मंदिर की पहाड़ी पर ग्रामीणों ने लेपर्ड को देखा था। इसके बाद ड्रोन कैमरे की मदद से लेपर्ड के मूवमेंट को रिकॉर्ड किया गया था। तीन महीनों में लेपर्ड कई बार दिखा आसपास के किसानों का कहना है कि पिछले करीब तीन महीने से लेपर्ड इस इलाके में कई बार दिख चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि लेपर्ड अब तक छोटे वन्यजीवों और अन्य जानवरों का शिकार करता रहा है। उसने लकिसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया है। इसके बावजूद गांव के पास लेपर्ड की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में डर और चिंता बढ़ गई है।