विद्यालयों में छात्र छात्राओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर में विशेष अभियान चलाया। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण अविचल चतुर्वेदी के निर्देशन तथा सीएमएचओ डॉ. मुरलीधर सोनी के मार्गदर्शन में संचालित विद्यालय खाद्य सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत निरीक्षण, सैंपलिंग और जागरूकता की संयुक्त कार्रवाई की गई। अभियान के तहत टीम ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय पुलिस लाइन स्थित मिड डे मील कैंटीन का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान परिसर की साफ सफाई, कच्ची खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण और भोजन पकाने की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। टीम ने कैंटीन संचालक का भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) पंजीकरण मौके पर ही जारी कर नियमों की सख्त पालना के निर्देश दिए। निरंतर जारी रहेगी निगरानी : यह संयुक्त कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा, कीर्तिपाल सिंह और डॉ. गणेशाराम की टीम द्वारा की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। त्वरित परीक्षण किट से सिखाई मिलावट की पहचान सेंटपॉल्स स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को त्वरित परीक्षण किट (डार्ट-डिटेक्ट एडल्टरेशन विद रैपिड टेस्ट) के माध्यम से दैनिक खाद्य पदार्थों में मिलावट पकड़ने, खाद्य स्वच्छता, पैकेज्ड फूड पर लेबल पढ़ने और सुरक्षित खान-पान के तौर तरीके सिखाए गए। बच्चों को ईट राइट प्लेज दिलाते हुए सुरक्षित खाओ, स्वस्थ खाओ और टिकाऊ खाओ का संदेश दिया गया। मिर्च, हल्दी और नूडल्स सहित 5 नमूने लैब भेजे मिड डे मील में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए कैंटीन से लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर और मिल्क पाउडर के नमूने लिए गए। इसके अलावा स्कूल के पास स्थित एक अन्य व्यावसायिक खाद्य प्रतिष्ठान से पास्ता व नूडल्स के नमूने संकलित किए गए। इन सभी नमूनों को राज्य केंद्रीय खाद्य प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।