नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में नागौर पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने करीब एक साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी MD तस्कर रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई (32) को दमन से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी नागौर और आसपास के इलाकों में MD की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का मुख्य सरगना था। पुलिस जांच में सामने आया कि रामनिवास मुंबई से करीब 8 लाख रुपए प्रति किलो की दर से MD खरीदता था और नागौर क्षेत्र में अपने संपर्कों के जरिए इसे करीब 10 लाख रुपए प्रति किलो तक बेचता था। इस तरह उसे एक किलो पर करीब 2 लाख रुपए का मुनाफा होता था। 5.4 किलो MD पकड़ी तो सामने आया नाम IGP विकास कुमार ने बाताया की 27 अगस्त को जयपुर में 5.4 किलो MD की खेप पकड़ी गई थी। खेप को एस्कॉर्ट करने के दौरान रामनिवास भी पुलिस की कार्रवाई की जद में आया था। इस दौरान उसके साथ मौजूद एक नाबालिग समेत अन्य तस्करों को पकड़ा गया था। मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने रामनिवास की तलाश शुरू की, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। जांच आगे बढ़ी तो उसके नागौर क्षेत्र में MD सप्लाई के नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। 12वीं के बाद मुंबई गया, वहीं शुरू किया MD का कारोबार पुलिस जांच में पता चला कि रामनिवास ने करीब 2011 में 12वीं पास करने के बाद मुंबई का रुख किया था। शुरुआत में उसने वहां एक कोरियर कंपनी में काम किया। बाद में मुंबई की हाईप्रोफाइल सोसायटियों में नशा करने वाले लोगों के संपर्क में आया। इन्हीं संपर्कों के जरिए वह MD के सेवन और कारोबार से जुड़ गया। शुरुआत में वह करीब 100 ग्राम MD खरीदकर बेचता था। धीरे-धीरे उसके संपर्क बढ़ते गए और उसने मुंबई से नागौर तक MD सप्लाई का नेटवर्क खड़ा कर लिया। पुलिस के मुताबिक बाद में वह मुंबई से 500 से 700 ग्राम तक की MD की खेप नागौर लाने लगा। इसके बाद नागौर और आसपास के इलाकों में उसके संपर्कों का नेटवर्क फैलता गया। तस्करी की कमाई से बनाया मकान, खरीदे वाहन ANTF के मुताबिक रामनिवास ने नशे के अवैध कारोबार से कमाई कर बड़ा मकान बनाया और वाहन खरीदे। पुलिस उसके नागौर स्थित मकान पर भी कार्रवाई कर चुकी है। अब उसके साथियों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों और अन्य गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। साथी पकड़ा गया तो खुला राज पुलिस के अनुसार रामनिवास के साथी नरसीराम समेत चार लोगों को पकड़ा गया था। पूछताछ में नरसीराम से रामनिवास के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। रामनिवास के लगातार फरार रहने पर पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। करीब एक साल तक वह अलग-अलग ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा। दमन में छिपकर भी चला रहा था कारोबार जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि रामनिवास दमन में छिपा हुआ है। ANTF टीम ने उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी। पुख्ता सूचना मिलने के बाद टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक दमन में रहने के दौरान भी रामनिवास ने MD का कारोबार बंद नहीं किया था। वह पुराने तस्कर साथियों के संपर्क में था और उनके जरिए नशे की सप्लाई से जुड़ा हुआ था। अब मुंबई से नागौर तक नेटवर्क खंगाल रही पुलिस गिरफ्तारी के बाद ANTF टीम रामनिवास से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में मुंबई से MD उपलब्ध कराने वाले सप्लायर और नागौर में इसकी सप्लाई लेने वाले लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। पुलिस उसके बैंक खातों, संपत्तियों और तस्करी से जुड़े संपर्कों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई का मकसद नागौर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय MD सप्लाई नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचना है।